नई दिल्ली, अक्टूबर 01। वित्त मंत्रालय ने सितंबर में कलेक्ट हुए जीएसटी की रिपोर्ट जारी की है। सितंबर में सरकार को 1,47,686 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। सालाना आधार पर जीएसटी कलेक्शन में 26 फीसदी की बढ़त हुई है। रिपोर्ट के अनुसार सालाना आधार पर समानों के आयात से राजस्व में 39 फिसदी की वृद्धि हुई है। घरेलू लेनदेन और सेवाओं के आयात से पिछले साल सितंबर की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।

लगातार सातवे महीने 1.4 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व
यह लगातार सातवां महीना है जब जीएसटी से राजस्व 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से यह ऐसा आठवां मौका है। महीने के आधार पर देखें तो सितंबर का राजस्व अगस्त 2022 की जीएसटी किटी से 2.84 प्रतिशत अधिक है। अगस्त में 7.7 करोड़ ई-वे बिल प्रोड्यूस हुए थे, यह जुलाई 2022 में उत्पन्न 7.5 करोड़ बिलों की तुलना में 2.66 प्रतिशत अधिक है।
बढ़ रहा है राजस्व
वित्त मंत्रालय ने कहा, "सितंबर 2022 तक जीएसटी राजस्व में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सितंबर में केंद्रीय जीएसटी संग्रह का 25,271 करोड़ रुपये का योगदान है, जबकि राज्य जीएसटी फ्लो से 31,813 करोड़ रुपये का योगदान है। कुल संग्रह में एकीकृत जीएसटी या आईजीएसटी ने 80,464 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
20 सीतंबर को हुआ था रेकार्ड कलेक्शन
20 सितंबर को 49,453 करोड़ रुपए के साथ दूसरे सबसे अधिक 8.77 लाख चालान दायर किए गए, इसके बाद केवल 20 जुलाई 2022 को 9.58 लाख चालान के माध्यम से 57,846 करोड़ का संग्रह किया गया था। इस महीने रुपये का दूसरा सबसे बड़ा एकल दिन संग्रह देखा गया। सितंबर में जीएसटी कलेक्शन पिछले साल सितंबर की तुलना में लगभग 27 प्रतिशत अधिक रही।
इन राज्यों का ऐसा रहा जीएसटी राजस्व
बिहार में राजस्व में 67 प्रतिशत, गोवा में 35 प्रतिशत, हरियाणा में 33 प्रतिशत, दिल्ली में 32 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई। केरल और पश्चिम बंगाल 27 प्रतिशत, कर्नाटक 25 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश 23 प्रतिशत भी राष्ट्रीय औसत की तुलना में तेजी से बढ़े, लेकिन आंध्र प्रदेश में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई, इसके बाद गुजरात में 16 प्रतिशत, ओडिशा में 13 प्रतिशत और तमिलनाडु में 10 प्रतिशत की विद्धि के साथ यह राज्य पिछड़ गए।


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