Grameen Credit Score: केंद्र सरकार ने ग्रामीण लोगों की मदद के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब गांवों के विकास और किसानों की आर्थिक मदद के लिए एक और नई योजना पर काम कर रही है। सरकार "ग्रामीण क्रेडिट स्कोर" (Grameen Credit Score) नाम से एक फ्रेमवर्क तैयार कर रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को लोन लेने में आसानी हो सकेगी। इससे कई फायदे मिलेंगे, आइए आपको बताते हैं।

क्या है ग्रामीण क्रेडिट स्कोर?
यह एक ऐसा स्कोर होगा जो ग्रामीणों के क्रेडिट वर्दीनेस को चेक करेगा। खासकर जो लोग स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़े हैं, उन्हें उनके समूह में किए गए काम और वित्तीय अनुशासन के आधार पर स्कोर मिलेगा। यह स्कोर लोन देने वाली संस्थाओं को ये समझने में मदद करेगा कि कौन व्यक्ति भरोसेमंद है।
सरकार अगले 3 महीनों के अंदर यह फ्रेमवर्क लॉन्च करने की योजना बना रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 के भाषण में इस स्कोर की घोषणा की थी।
किन्हें मिलेगा इसका फायदा?
इसका फायदा SHG(Self-Help Group) से जुड़े सदस्य, गांव के छोटे व्यापारी, किसान, जिनके पास पहले से क्रेडिट स्कोर नहीं है, वे भी अब लोन के दायरे में आ सकेंगे। वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने बैंकों को ग्रामीण क्रेडिट स्कोर के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्देश दे दिया है। सरकारी बैंक विशेष रूप से इस स्कोर को लागू करेंगे।
इससे ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के विकास पर जोर दिया जाएगा। इसी दिशा में ग्रामीण क्रेडिट स्कोर एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। इस स्कोर की मदद से ग्रामीण इलाकों के लोगों को आसानी से लोन मिल सकेगा, और मुख्य रूप से किसानों को साहूकारों से महंगे ब्याज दरों पर लोन नहीं लेना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के वित्तीय सेवाओं से जोड़ा जाए। इससे न सिर्फ उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि गांवों में आत्मनिर्भरता भी विकसित होगी।


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