GR Exclusive: टैरिफ वॉर से स्टार्टअप इकोसिस्टम पर कितना असर? Paytm के CEO बोले- आत्मनिर्भर भारत से सपोर्ट

GR Exclusive: राजधानी दिल्ली के भारतमंडपम में स्टार्टअप महाकुंभ 2025 का आयोजन हो रहा. 3 अप्रैल से शुरू हुए इस महाआयोजन में हजारों की संख्या में स्टार्टअप हिस्सा ले रहे. इस संस्करण की थीम 'स्टार्टअप इंडिया @ 2047 - अनफोल्डिंग द भारत स्टोरी' है. यह आयोजन ऐसे समय में हो रही जब टैरिफ वॉर की आग लगी हुई है. साथ ही भारत और चीन के स्टार्टअप इकोसिस्टम पर बहस छिड़ी हुई है. दोनों ही टॉपिक पर गुडरिटर्न्स ने पेटीएम के सीईओ और फाउंडर विजय शेखर शर्मा से खास बातचीत की, जिन्होंने आज इंस्टेंट पेमेंट अलर्ट और लाइव ट्रांजैक्शन काउंट के लिए डिजिटल स्क्रीन के साथ महाकुंभ साउंडबॉक्स लॉन्च किया है.

ट्रैरिफ वॉर से घरेलू फिनटेक के ग्लोबल एक्सपेंशन पर कितना असर?

गुडरिटर्न्स से बातचीत में Paytm के CEO एंड फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने बताया कि टैरिफ वॉर से हमारी कंपनी के ग्लोबल एक्सपेंशन पर कोई असर नहीं है. क्योंकि हम यूएस से जुड़ा कुछ करते नहीं हैं. हालांकि, ग्लोबल वॉर या फिर टैरिफ का स्टार्टअप ग्लोबल इकोसिस्टम पर असर पड़ता है. इस तरह के माहौल में जो पैसे इनवेस्ट करना चाहते हैं या फिर जुटाना चाहते हैं उन पर फर्क जरूर पड़ता है. जब भी दुनिया थोड़ी सी अस्थिर होती है तो स्टार्टअप इनवेस्टमेंट सबसे पहले ड्रायअप होता है. क्योंकि ये हाइएस्ट रिस्क माने जाते हैं.

उन्होंने कहा कि अगर लोगों के इनवेस्टमेंट देखें तो पब्लिक मार्केट, बड़ी कंपनियां, छोटी कंपनियां ऐसे करते-करते आप स्टार्टअप्स पर आते हैं. ऐसे में अगर स्टार्टअप इकोसिस्टम बाहरी बाजार पर निर्भर हैं तो वो किसी भी ग्लोबल टेंशन की वजह से ड्रायअप होंगे, चाहे वो टैरिफ वॉर हो या फिर ट्रेड वॉर हो. भारत संदर्भ में विजय शेखर शर्मा ने कहा कि इंडिया में आत्मनिर्भर भारत के तहत बहुत सारे लोकल फंड और लोकल इनवेस्टर्स बना रहे हैं. दरअसल, यही सपोर्ट कर रहा है.

gr-exclusive-paytm

इंडिया vs चीन स्टार्टअप इकोसिस्टम

स्टार्टअप महाकुंभ 2025 शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक इंफोग्राफिक वायरल हुआ, जिससे भारत और चीन के स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर बहस छिड़ गई. गुड़रिटर्न्स से बातचीत में विजय शेखर शर्मा ने बताया कि मैं 2014-15 में चीन गया था और मुझे ये पता चला कि उन लोगों ने एक प्रण किया है कि हमें 2025 में इलेक्ट्रिक व्हीकल वॉर जीतना है. मुझे लगा कि ईवी...इतनी ज्यादा तो चलती नहीं है. एलन मस्क से भी मैं 2012-13 में मिला था. ऐसे में मैं थोड़ा कन्फ्यूज हो गया कि दुनिया तो मोबाइल इंटरनेट में आ रही और ये (चीन) लोग ईवी की बात कर रहे हैं. तो चाहे वो चीन हो या फिर अमेरिका हो एक विकसित इकोसिस्टम के जरिए लंबा खेला जा सकता है.

उदाहरण के तौर पर जब आप छठी या 7वीं क्लास में पढ़ रहे होते हैं और IIT क्लियर करना है तो उसके लिए पहले से ही पड़ना चालू करने की सलाह होती है. तो ऐसे में आप जब आपके पास रिसोर्सेज होते हैं या मैच्योरिटी होती है तब आप लंबा टिके रहते हो. जब आप नए होते हैं, जैसे इंडिया का स्टार्टअप इकोसिस्टम या फिर कई अन्य देशों का इकोसिस्टम है तो आप सामने जो है उसे देखते हैं. यह एक मैच्योरिटी सिक्वेंसिंग है, जिसमें आप मौजूदा अवसरों को एड्रेस कर रहे हैं. मेरी नजर में ये एक बढ़ता हुआ स्टेज है. 2010, 2012 और 2014, 2015 में चीन में ये सब हो रहा था, जो 2022, 2023 और 2025 में भारत में हो रहा है. कुल मिलाकर हम लोग एक माइलस्टोन अचीव करेंगे. वो जो कैपिटल आएगी वो आगे जाएगी.

पेटीएम के फाउंडर ने कहा कि मुझे खुशी इस बात की है कि हम स्टार्टअप हो सीरियसली लेते हैं. क्योंकि 2008, 2010 में इस देश में स्टार्टअप को सीरियसली नहीं लिया जाता था. क्योंकि तब स्टार्टअप कॉन्सेप्ट भी नहीं माना जाता था. लोग इंजीनियरिंग कॉलेज से निकलने के बाद स्टार्टअप जॉइन ही नहीं करना चाहते थे. आज के दिन तो कम से कम स्टार्टअप महाकुंभ जैसे इवेंट तो रहा और हम सब लोग इसे सेलिब्रेट कर रहे हैं.

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+