Pulses Prices: बढ़ती महंगाई भारत सरकार के लिए हमेशा से ही चिंता का विषय रही है। देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी के साथ ही रोज इस्तेमाल होने वाली चीजों और पेट्रोल-डीजल के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं, जिससे माध्यम और निचले तपके के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि खाने पीने के सामानों के दाम न बढ़ें। इस समय सरकार बढ़ती हुई दाल की कीमतों से काफी परेशान है और अब इस पर लगाम लगाने के लिए एक नया आदेश भी लाया है।
सरकार द्वारा दिए जा रहे इस नए आदेश के अनुसार 15 अप्रैल के बाद से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार को हर हफ्ते दाल के वीकली स्टॉक की जानकारी चाहिए होगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की दाल की बढ़ती कीमतों को लेकर और इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार के इस कदम को काफी जरूरी बताया जा रहा है।
इस मुद्दे पर कंज्यूमर फोरम विभाग के सचिव निधि खरे ने 15 अप्रैल से यह नया नियम लागू करने के लिए और ऑनलाइन स्टॉक मॉनिटरिंग के संचालन के लिए डाल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी की है।
इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि दलों के वायदा ट्रेड में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के सेंशुअल कमोडिटीज एक्ट प्रावधान के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
उसके सत्यापन के लिए इंडस्ट्री से फीडबैक और अलग-अलग मार्केट प्लेयर के साथ स्टॉक के कंडीशन से जुड़ी हुई काफी जानकारी इकट्ठा की गई है।
इसके अलावा सरकार ने कई और कदम उठाए हैं जिसके तहत विदेशों से डाल इंपोर्ट करने वाले बिजनेसमैन को पहले से ज्यादा आसान पेमेंट मेकैनिज्म मुहैया करवाया जा रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत अपनी घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए म्यांमार जैसे देशों से भारी मात्रा में दाल का इंपोर्ट कर रहा है। इन देशों से हमारे पास अरहर की दाल और उड़द दाल इंपोर्ट की जाती है।
15 अप्रैल से वीकली स्टॉक की जानकारी देना अनिवार्य हो जाएगा, इससे सरकार को देश में मौजूद दल के बारे में पता चलता रहेगा और कालाबाजारी की गुंजाइश भी काफी कम हो जाएगी।
इस सिस्टम के तहत 15 अप्रैल के बाद से अगर आप कोई भी डाल इंपोर्ट करते हैं,तो उसके स्टॉक को ईमानदारी से बता देना होगा।
इसके अलावा सभी स्टॉक होल्डिंग आर्गेनाइजेशन को हर हफ्ते स्टॉक डिस्क्लोजर लागू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा घोषित किए गए स्टॉक के सत्यापन के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा देश के मुख्य सीपोर्ट और पल्स इंडस्ट्री सेंटर्स में स्थित गोडाउंस में स्टॉक को समय-समय पर वेरीफाई किए जाने की बात कही है।
इसके अलावा अगर कोई भी स्टॉक होल्डिंग संस्था गलत जानकारी देती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाएगी।
गौरतलब है कि सरकार का यह कदम देश में दाल की कीमतों में बढ़ोतरी को काफी हद तक कंट्रोल कर सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में जब लोकसभा चुनाव सामने हैं, तो ऐसे सरकार के दाल की कीमतों बढ़ोतरी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।


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