इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों पर बढ़ती महंगाई के बोझ को कम करने के लिए एक पहल शुरू की है।
नई दिल्ली: इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों पर बढ़ती महंगाई के बोझ को कम करने के लिए एक पहल शुरू की है। जिसके तहत इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम करने वाले करीब 3 करोड़ कर्मचारियों का महंगाई बढ़ने के हिसाब से हर 6 माह में वेतन बढ़ता जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार की एक उच्च स्तरीय समिति ने ऐसे कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जुड़ा एक नया आधार तय किया है, जिनका महंगाई भत्ता इस महंगाई सूचकांक से जुड़ा होगा। EPF खाताधारकों को होली से पहले मिला तोहफा, ऐसे मिलेगी ज्यादा पेंशन ये भी पढ़ें

3 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
वहीं मुख्य श्रम एवं रोजगार सलाहकार बी एन नंदा के नेतृत्व में एक त्रिपक्षीय समिति की 27 फरवरी को एक बैठक हुई थी। इस बैठक में इंडस्ट्रियल सेक्टर के कर्मचारियों के लिए एक नई सीरीज के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए 2016 को आधार वर्ष बनाया गया था। इस निर्णय से देश में संगठित इंडस्ट्रियल सेक्टर के 3 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
बता दें कि केंद्र सरकार एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का आंकलन हर छह माह पर होता है। इसके लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू का सहारा लिया जाता है। लेकिन 2001 के बाद सीपीआई-आईडब्ल्यू में संशोधन नहीं हुआ है, जबकि इसमें हर पांच साल में बदला होना चाहिए।
सीपीआई का पुराना आधार मौजूदा गणना के अनुरूप नहीं
सातवें वेतन आयोग के दौरान केंद्र सरकार और निजी क्षेत्र में कर्मचारी संघ भी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू के आंकड़ों का सहारा लेते हैं। लेकिन सीपीआई का पुराना आधार मौजूदा गणना के अनुरूप नहीं है, क्योंकि पिछले दो दशकों में उपभोक्ता प्रारूप में खासा बदलाव आया है। महंगाई की गणना के लिए कुछ खास वस्तु एवं सेवाओं पर नजर रखी जाती है।


Click it and Unblock the Notifications