नई दिल्ली। भारत सरकार देश में क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार पर रोक लगाने के लिए आगामी बजट सत्र में एक विधेयक पेश करेगी। इसके साथ ही रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी होने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के लिए फ्रेमवर्क भी पेश किया जाएगा। इस लिहाज से यह बजट सत्र काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। भारत सरकार के इस कदम से क्रिप्टोकरेंसी पर अस्पष्टता खत्म होने की उम्मीद की जा रही है। अभी देश में न तो क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंधित है और न ही वैध है। हालांकि आरबीआई ने बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। वहीं मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया था।

बिल पेश होने की दी जानकारी
लोकसभा बुलेटिन के अनुसार आधिकारिक डिजिटल करेंसी नियमन विधेयक 2021 को संसद के बजट सत्र में पेश किये जाने की संभावना है। मिली जानकारी के मुताबिक इस विधेयक से देश के अंदर सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने का फैसला हो सकता है। हालांकि यह इसकी निहित प्रौद्योगिकी और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कुछ अपवादों की अनुमति भी दे सकता है।
विधेयक पारित हुआ तो क्या होगा
यदि क्रिप्टोकरेंसी पर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो क्रिप्टोक्यूरेंसी को कानूनी लेन-देन और मुद्रा के रूप में उपयोग करने से प्रतिबंधित हो जाएगा। वहीं क्रिप्टोक्यूरेंसी को भुगतान प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी विधेयक के अंतर्गत किसी भी प्रकार के अपराध होने पर आरबीआई को नियामक और प्रवर्तन निदेशालय के रूप में नामित करना चाहती है।
रुपये का डिजिटल संस्करण जारी होने की उम्मीद
वहीं इसके पहले भुगतान प्रणाली पर 25 जनवरी को जारी आरबीआई बुकलेट में कहा गया था, कि आरबीआई यह पता लगा रहा है कि क्या रुपये के डिजिटल संस्करण को जारी किया जाना चाहिए। इसे एक तरह से भारत की तरफ से डिजिटल करेंसी जारी करने की कदम बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।


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