नई दिल्ली, सितंबर 07। उन किसानों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है, जो पशु पालक भी हैं। भारत में पशु पालकों की भूमिका कई मामलों में बहुत अहम है। अब ऐसे लोगों को लिए सरकार की तरफ से एक पॉजिटिव खबर आई है। बता दें कि किसानों को सरकार पशु पालने के लिए पैसा देगी। उन्हें इस काम के लिए अच्छी खासी राशि बतौर मदद दी जाएगी। पर ध्यान रहे कि ये पैसा बतौर लोन दिया जाएगा। यानी पशु पालक इस पैसे का इस्तेमाल अपने कारोबार में कर सकेंगे। आगे जानिए अप्लाई करने का तरीका।
कम लोगों को है जानकारी
वैसे तो यह स्कीम सरकार कई सालों पहले से चला रही है। मगर इसकी जानकारी कम ही किसानों को है। जानकारी के अभाव में पशुपालक किसान सरकार की इस स्कीम का फायदा नहीं उठा पाते हैं। इस स्कीम के तहत किसानों को पशु पालने के लिए 1.5 लाख रु से अधिक की मदद मिल सकती है। इन पशुओं में गाय, भैंस आदि शामिल हैं।
आर्थिक मदद की जरूरत
पशु पालक किसान गाय और भैंस जैसे दूध देने वाले जानवर पाल कर उनके दूध का कारोबार करते हैं। मगर इसके लिए उन्हें पशु खरीदने के लिए पैसों की जरूरत होती है। किसानों को आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ती है। इसी जरूरत को ध्यान में रख कर सरकार ने ये स्कीम शुरू की।
पशु किसान क्रेडिट कार्ड
भारत एक कृषि प्रधान देश रहा है। अब भी देश की कुल आबादी का 60 फीसदी हिस्सा खेती से जुड़ा हुआ है। इसीलिए सरकार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दे चुकी है। किसान क्रेडिट कार्ड से किसान अपने पैसों के कारण कई अटके हुए काम कर लेते हैं। उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से जरूरत के समय पैसा मिल जाता है। 2020 में केंद्र सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की तरह ही पशु किसान क्रेडिट कार्ड पेश किया।
1.5 लाख रुपये का कैश
जानकारी के अभाव में किसान पशु किसान क्रेडिट कार्ड नहीं ले रहे। पशु किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आप ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इससे आपको 1.5 लाख रुपये या इससे अधिक तक की मदद मिल जाएगी।
1.80 रुपये तक का कर्ज
इस कार्ड के लिए अपने नजदीकी सरकारी बैंक से संपर्क करें। बैंक से आवेदन पत्र मिलेगा। उसमें आवश्यक जानकारी भरने के बाद बैंक में जमा कराएं। कुछ औपचारिकताओं के बाद आपको बैंक से 1.80 रुपये तक का कर्ज लेने की सुविधा मिल जाएगी। इस पैसे पर आपको किसान क्रेडिट कार्ड के समान ही ब्याज देना होगा। यदि लोन खाता ठीक से मैनेज किया जाए तो क्रेडिट कार्ड पर 3 प्रतिशत की छूट भी मिलती है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, पुरुषोत्तम रूपाला ने 14 जुलाई 2022 को आयोजित एएचआईडीएफ सम्मेलन के दौरान डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डाला और उद्यमियों को इस क्षेत्र के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और लोगों के लिए रोजगार पैदा करने में उनके योगदान के लिए बधाई दी। रूपाला ने कहा था कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की पूरी कोशिश कर रही है और पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रदान करने के लिए आक्रामक रूप से काम कर रही है।
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