Fact Check; Viral Content: सोशल मीडिया के बढ़ते प्रचलन के बीच हर दिन खबरों की बाढ़ सी आ जाती है। ऐसे में हज़ारों खबरों के बीच सही और गलत खबर की पहचान कर पाना आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। यही कारण है कि फर्जी लिंक और वायरल मेसेज के दावों के चक्कर में लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।
ऐसे में केंद्र सरकार की मीडिया विंग पीआईबी फैक्ट चेक के माध्यम से इस तरह के ऑनलाइन वायरल दावों से लोगों को सजग और जागरूक कर उन तक सही सूचना पहुंचाने का काम कर रही है।

हाल ही में सोशल मीडिया से लेकर तमाम ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर एक मेसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि मोदी सरकार छात्रों को फ्री में लैपटॉप दे रही है।
PIB ने बताई सच्चाई
हालांकि अब इस दावे पर पीआईबी फैक्ट चेक टीम की ओर से सच्चाई सामने लाई गई है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर पीआईबी फैक्ट चेक ने लिखा, "धोखेबाज़ों से सावधान रहें! एक लिंक के साथ एक संदेश प्रसारित किया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार छात्रों को मुफ्त लैपटॉप प्रदान कर रही है।"
'X' पर आगे पीआईबी ने बताया कि यह मैसेज फर्जी है! संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक स्रोतों के माध्यम से जानकारी सत्यापित करें।
डिजिटल सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश
- - साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ संदिग्ध संदेशों को अनदेखा करने और उन्हें हटाने, व्यक्तिगत या वित्तीय विवरण साझा करने से बचने और संबंधित अधिकारियों को घोटालों की सूचना देने की सलाह देते हैं।
- - सरकार उपयोगकर्ताओं को छात्र लाभों या कार्यक्रमों के बारे में जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल और सत्यापित संचार पर ही भरोसा करने की सलाह देती है।
- - सरकार ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता को डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी की व्यापकता और तथ्य-जांच के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य साइबर अपराध को कम करना है।


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