Electric Vehicles: भारत सरकार का इरादा देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की संख्या को बढ़ाने का है और इसके लिए सरकार लगातार बेहतर कदम उठा रही है। अब तक इलेक्ट्रिक व्हीकल पर केंद्र सरकार के द्वारा सब्सिडी दी जा रही थी। लेकिन अब सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद को बढ़ाने के लिए एक नई स्कीम शुरू करने जा रही है जिसके तहत 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि केंद्र सरकार के द्वारा यह स्कीम 5 जुलाई 2024 की आखिरी तक जारी रहेगी।
दी जा रही जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों से खरीद में तेजी लाने के लिए सत्य उद्योग मंत्रालय ने 500 करोड रुपए की कीमत वाली इलेक्ट्रिक परिवहन संबंध योजना 2024 की शुरुआत की है। इस स्कीम का नाम ईएमपीएस 2020 है। इस योजना के तहत अगर आप कोई भी टू व्हीलर इलेक्ट्रिक व्हीकल लेते हैं तो आपको सहायता राशि दी जाएगी।

सरकार की इस योजना का मकसद करीब 3.33 लाख 2 पहला वाहनों के लिए सहायता राशि प्रदान करने का है, बाकी लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए प्रोत्साहित हों और उनकी संख्या भी बढ़ सके।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की 31 मार्च 2024 को इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद बढ़ाने के साथ मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने वाले कार्यक्रम का दूसरा फेस पूरा हो गया। इस योजना का नाम फेम-2 था। इस योजना के तहत 31 मार्च तक खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल पर सरकार के द्वारा सब्सिडी को दी जा रही थी।
कमर्शियल व्हीकल पर भी मिलेगी जबरदस्त छूट
छोटे तीन पहिया इलेक्ट्रिक वाहन जैसे ई-रिक्शा और आई कार्डखरीदने पर सरकार के द्वारा 25000 रुपए तक की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत सरकार करीब 41000 से अधिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने का विचार बना रही है।
वहीं अगर आप बड़े थ्री व्हीलर इलेक्ट्रिक व्हीकल लेते हैं, तो उन पर आपको 50,000 रुपए तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
इस योजना के जरिए सरकार कुल 3,72,215 इलेक्ट्रिक वाहन को सपोर्ट देने की प्लानिंग कर रही है।
सरकार द्वारा शुरू की गई इस स्कीम से न सिर्फ लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की होड़ लगेगी बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होगा। इसके अलावा यह सहायता राशि उन लोगों के लिए भी काफी फायदेमंद होगी जो इलेक्ट्रिक वाहन खरीद कर अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं।
इसके अलावा उद्योग मंत्रालय का कहना है की उन्नत प्रौद्योगिकी को बढ़ाने के लिए इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हें वाहनों को दिया जाएगा जिनमें बेहतरीन क्वालिटी की बैटरी लगी होगी।
दूसरी तरफ सरकार का मानना है कि इससे रोजगार में भी काफी बढ़ोतरी होगी और लोगों को कम मिलेगा। इससे पहले भी भारत के परिवहन राज्य मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि 2030 तक भारत की सड़कों पर 2 करोड़ से ज्यादा इलेक्ट्रिक वहां होंगे और इस इंडस्ट्री से हजारों लोगों को डायरेक्टर और इनडायरेक्ट तौर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही वातावरण में पॉल्यूशन को कम करने में भी इससे मदद मिल सकती है।


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