केंद्र सरकार ने बजट से ठीक पहले देश के करीब 2,500 निर्यातकों का 40,000 करोड़ रुपये का एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) रिफंड रोक दिया है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बजट से ठीक पहले देश के करीब 2,500 निर्यातकों का 40,000 करोड़ रुपये का एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) रिफंड रोक दिया है। दरअसल में राजस्व के मोर्चे पर सरकार लक्ष्य पूरा करती नहीं दिख रही। ऐसे में इस कदम को राजस्व की तंगी से जोड़कर ही देखा जा रहा है। जानकारी दें कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने निर्यातकों का यह रिफंड रोका है। सीबीआईसी ने अपने फील्ड दफ्तरों को भी निर्देश दिया है कि वे इन निर्यातकों का निर्धारित समय के भीतर वेरिफिकेशन किया जाए ताकि ईमानदार निर्यातकों को किसी तरह की समस्या न हो।

जनवरी में रिकॉर्ड 1.15 लाख करोड़ हो सकता है GST कलेक्शन
दूसरी ओर बता दें कि जीएसटी संग्रह जनवरी में 1.15 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर सरकार को बड़ी खबर मिल सकती है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कि चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में केवल 11,000 करोड़ रुपये की कमी हो सकती है। पिछले दो महीने (नवंबर व दिसंबर) में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार रहा था। नवंबर महीने में जीएसटी वसूली 1,03,492 करोड़ रुपये जबकि दिसंबर में ये आंकड़ा 1,03,184 करोड़ रुपये रहा। बता दें कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद अप्रैल 2019 में जीएसटी कलेक्शन सबसे ज्यादा 1,13,865 करोड़ रुपये रहा था।
मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी में जीएसटी कलेक्शन का संशोधित लक्ष्य 1.15 लाख करोड़ रुपये है। वहीं सूत्रों से पता चला है कि यह लक्ष्य प्राप्त करने योग्य हैं, क्योंकि हमने प्रौद्योगिकी और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके लगभग 40,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू लिकेज को रोकने में सक्षम है।
अप्रैल 2019 में 1.13 लाख करोड़ रुपये जीएसटी वसूली हुई
जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से अप्रैल 2019 में अब तक सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन हुआ है। अप्रैल 2019 में 1.13 लाख करोड़ रुपये जीएसटी वसूली हुई थी। इसके अलावा नवंबर और दिसंबर 2019 में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से लेकर दिसंबर तक के आंकड़ों को देखें तो अगस्त, सितंबर और अक्टूबर तीन ऐसे महीने रहे हैं जब जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के नीचे रहा। जनवरी और फरवरी में जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। वहीं, मार्च के लिए यह लक्ष्य 1.25 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है।
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में गिरावट
जानकारी के मुताबिक बता दें कि, वित्त वर्ष 2020 में अप्रैल से जनवरी के बीच डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 11,000 करोड़ रुपये की कमी रह सकती है। वित्त वर्ष 2020 के पहले 10 महीने में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.01 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। जबकि पिछले साल इस दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.12 लाख करोड़ रुपये रहा था। वहीं केंद्र ने वित्त वर्ष 2020 के लिए नेट टैक्स रेवेन्यू में 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16.5 लाख करोड़ रुपये के अनुमान लगाया है।
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