केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस पर एक नई पहल की घोषणा की। सरकार किसानों को वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए 'किसान की बात' नामक मासिक रेडियो कार्यक्रम शुरू करेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि पद्धतियों को आधुनिक बनाना और किसानों को नई वैज्ञानिक जानकारी से मजबूत बनाना है।

वैज्ञानिक ज्ञान से किसानों को सशक्त बनाना
किसान की बात कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक, विभाग के अधिकारी और खुद मंत्री शामिल होंगे। वे कृषि में वैज्ञानिक प्रगति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे। चौहान ने किसानों को सटीक जानकारी तक पहुंच की जरूरतों पर रौशनी डालते हुए कहा, किसानों के पास अक्सर जानकारी की कमी होती है, जिसके कारण कीटनाशकों का दुरुपयोग होता है। हमें इस पर ध्यान देना चाहिए।
यह पहल भारत के कृषि क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों की ज़रूरतों से जोड़कर और उनके बीच चर्चा को प्रोत्साहित करके सरकार का लक्ष्य भारत को विश्व खाद्य टोकरी में बदलना है।
राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली का शुभारंभ
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान चौहान ने राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) की भी शुरुआत की। यह प्रणाली कीटों से संबंधित मुद्दों की निगरानी और प्रबंधन को अधिक अच्छे ढंग से करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे किसानों के लिए बेहतर फसल सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
चौहान ने किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में किसानों को शामिल नहीं किया था, जो वर्तमान सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मासिक रेडियो कार्यक्रम किसान की बात वैज्ञानिक शोध और व्यावहारिक खेती के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय पर और सही जानकारी उपलब्ध करके इसका उद्देश्य भारतीय कृषि में उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ाना है। किसान की बात और एनपीएसएस जैसी पहलों के माध्यम से कृषि को आधुनिक बनाने पर सरकार का ध्यान किसानों की आजीविका में सुधार के प्रति उसके समर्पण को दर्शाता है। इन प्रयासों से पूरे भारत में कृषि समुदाय को पर्याप्त लाभ मिलने की उम्मीद है।


Click it and Unblock the Notifications