
2 BHK Flat Price : अफोर्डेबल हाउसिंग भारत भर में सबसे पसंदीदा रियल एस्टेट सेगमेंट है क्योंकि यह खरीदारों के हर वर्ग के लिए उपयुक्त माना जाता है। हाल ही में एनसीआर क्षेत्र में 2020 की पहली तिमाही और 2022 की पहली तिमाही के बीच बिना बिके इकाइयों की संख्या में 12 फीसदी की गिरावट आई है। यह देखते हुए कि खरीदार बाज़ार में लौट रहे हैं, यह रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए एक बेहतर ग्रोथ संभावना को दर्शाता है। किफायती आवासों के लिए लोगों की लगातार प्राथमिकता, कोविड के बाद की मजबूत मांग और बिक्री से साफ जाहिर होती है। पर सस्ता घर खरीदा कैसे जा सकता है? यहां हम आपको एक ऐसी सरकारी स्कीम की जानकारी देंगे, जिसके तहत आप बहुत सस्ते में 2 बीएचके फ्लैट खरीद सकते हैं।
इस राज्य में मिलते हैं सस्ते घर
सस्ते घरों की बात करें तो खरीदारों की पसंद होने के साथ-साथ ऐसी परियोजनाओं की बिक्री कुछ अन्य अच्छे फैक्टरों की उपलब्धता पर भी निर्भर करती है। इनमें मुख्य रूप से सरकारी दिशानिर्देश शामिल होते हैं, जो निवेश की प्रोसेस को खरीदारों के लिए सुविधाजनक और लाभदायक बनाते हैं। हरियाणा निवेश के लिए सबसे सुविधाजनक रियल एस्टेट हॉटस्पॉट में से एक है क्योंकि यह कई पॉलिसियों की पेशकश करता है जो रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को खरीदारों के लिए सस्ती और सुलभ बनाती हैं।
दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल
हरियाणा ने हाउसिंग पॉलिसीज के मामले में अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण पेश किया है। राज्य ने परियोजनाओं की खरीद-बिक्री को आसान बनाने के उपाय किए हैं और रेसिडेंशियल डेवलपमेंट के विस्तार के लिए सीमाएं निर्धारित की हैं।
ये है खास योजना
हरियाणा ने लो-राइज और हाई-राइज हाउसिंग के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी और प्लॉटेड हाउसिंग या लो-राइज इंडिपेंडेंट फ्लोर्स के लिए दीन दयाल जन आवास योजना (डीडीजेएवाई) लागू की है। यह पॉलिसी फरवरी 2016 में करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला शहर, अंबाला कैंट, यमुना नगर, जगाधरी, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, बावल-धारूहेड़ा कॉम्प्लेक्स, गन्नौर, पलवल और होडल, फरीदाबाद जिले में घोषित नियंत्रित क्षेत्र (फरीदाबाद-बल्लभगढ़ परिसर के नियंत्रित क्षेत्रों को छोड़कर) सहित हरियाणा के कम और मध्यम क्षमता वाले शहरों के लिए शुरू की गई थी।

कितनी है फ्लैट की कीमत
डेवलपर्स को योजना में शामिल होने के लिए लुभाने के लिए राज्य ने शुद्ध नियोजित क्षेत्र (नेट प्लान्ड एरिया) के कमर्शियल हिस्से को 175 एफएआर पर 4 फीसदी से बढ़ा कर 8 फीसदी कर दिया था। इसका लक्ष्य डेवलपर्स के लाभ मार्जिन को और भी बढ़ाना था। हरियाणा ने कारपेट स्पेस के लिए कीमत 4,000 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 4,200 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दी थी और बालकनी क्षेत्र के लिए कीमत 500 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दी थी, जिसकी अधिकतम सीमा 100,000 रुपये प्रति यूनिट थी। ये बढ़ोतरी कच्चे माल की लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए की गयी। हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत एक 2 बीएचके अपार्टमेंट की कीमत 26 लाख रुपये और 1% जीएसटी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, सरकार 2.67 लाख की राशि में सब्सिडी भी देगी। घर खरीदने वालों के लिए ये सेफ है, क्योंकि पूरी अलॉटमेंट प्रोसेस पारदर्शी और ऑनलाइन आयोजित की जाती है।


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