नई दिल्ली, जुलाई 14। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने 14 जुलाई को जून महीने में महंगाई दर के आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक देश की थोक महंगाई दर जून महीने में बहुत थोड़ी कम हुई है। मई में थोक महंगाई दर 15.88 प्रतिशत थी जो जून महीने में घटकर 15.18 फीसदी पर आई है, मई में महंगाई दर पिछले तीन दशको में सबसे अधिक थी। मंत्रालय ने जून में थोक महंगाई दर 15.50 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया था लेकिन आंकड़े अनुमान तक नहीं आ पाए।
15 महीनों से महंगाई दर में नहीं आई है ज्यादा कमी
जून के महीने में भी थोक महंगाई दहाई से ऊपर है, आंकड़ों के मुताबिक पिछले 15 महीने से थोक महंगाई दर उच्चतम स्तर पर बनी हुई है। खाद्य पदार्थो की थोक महंगाई दर जून में बढ़ी है। मई में आंकड़ा 10.89 फीसदी था जो जून में बढ़ के 12.41 फीसदी हो गया है।
होलसेल महंगाई दर में नहीं आई भारी कमी
जून महीने में प्राइमरी आर्टिकल सामानों के होल सेल प्राइस इंडेक्स 19.71 फीसदी से घटकर 19.22 फीसदी पर है। फ्यूल और पावर की डब्ल्यूपीआई जून में मई के 4062 प्रतिशत के मुकाबले घटकर 40.38 फीसदी पर आई है। वही रेडीमेड वस्तुओं की होल सेल प्राइस इंडेक्स 10.11 फीसदी से घट के 9.19 फीसदी पर है। देशवासियों को सब्जी के थोक महंगाई दर में कोई फायदा नहीं मिला है यह पिछले महीने के 56.36 फीसदी से बढ़कर 56.75 फीसदी पर आ गई है। मांस-अंडे के होल सेल प्राइस इंडेक्स में भी ज्यादा राहत नहीं है।
खुदरा महंगाई दर में है मामूली कमी
सांख्यिकी मंत्रालय के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या सीपीआई के तहत मापी गई भारत की खुदरा मुद्रास्फीति मई, 2022 में 7.04% के मुकाबले जून में 7.01% तक कम हुई है। जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य और तेल के वस्तुओं की कीमतों में कमी नही दिखने के कारण खुदरा महंगाई में कोई ठोस राहत देखने को नहीं मिली हैं। इस समय वस्तुओं का ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हुआ है, सप्लाई चेन में रुकावट के कारण बेसिक कमोडिटिज के दामों में


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