Online Gaming GST: ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत का गुड्स एंड सर्विस टैक्स लगाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। आपको बता दें कि इसे लेकर ऑनलाइन गेमिंग फेडरेशन ने अपील की है। इस अपील को लेकर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी एक याचिका दायर की है, जिसके तहत सरकार ने सारे देश के अलग-अलग हाई कोर्ट में चल रहे गेमिंग कंपनी के जीएसटी के मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की मांग की है। इसके पहले केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ऑनलाइन गेमिंग मामले को लेकर नोटिस जारी किया जा गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा। आपको बताते चलें कि 4 हफ्तों में केंद्र सरकार समेत अन्य पक्षकारों से भी जवाब भी मांगा है।

चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने एक आदेश दिया, जिसमें उन्होंने नोटिस जारी करने को लेकर कहा कि हम नोटिस जारी कर रहे हैं, क्यों कि ऐसे मुद्दे देश की कई हाईकोर्ट में दाखिल किए गए होंगे।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस तरह के सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने से कई तरह की परेशानियों से बचा सकता है। चीफ जस्टिस ने कहा है कि याचिका दायर होने के बाद वो इस तरह के सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने को लेकर अनुमती देने के पक्ष में है।
आपको बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग मामले में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के हेड डिजिटल वर्क्स एंज गेम्स 24/7 को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसी डिमांड नोटिस के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गेमिंग कंपनियों पर लगाए गए पैसों के पूर्ण मूल्य पर, न कि ग्रॉ गेंमिग इनकम पर 28 प्रतिशत तक का जीएसटी लगाने वाले सरकार के फैसले पर संवेधानिक वैधता पर विचार करने की बात कही है।
जानें क्या है जीएसटी का मामला
साल 2023 के अक्टूबर महीने में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28 प्रतिशता का जीएसटी लगाया गया था। गौरतलब है कि इसके पहले पहले गेमिंग कंपनियों पर मात्र 18 प्रतिशत का टैक्स लगाया जा रहा था। हांलाकि कंपनियों का कहना है कि इस टैक्स को पिछली तारीख से नहीं लगाया सकता है।
विशेषज्ञों की माने तो इन ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से भारी टैक्स डिमांड की गई है और इससे पूरी इंडस्ट्री खत्म हो सकती है। गौरतलब है कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को 2023 में 1 लाख करोड़ रुपए की कर चोरी पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। गौरतलब है कि यह कथित कर चोरी थी।
आपको बता दें इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी थी। इस मामले कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु के ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉर्ज के खिलाफ 21000 करोड़ रुपए की कर चोरी को लेकर जारी की गई जीएसटी नोटिस को खारिज कर दिया गया था।


Click it and Unblock the Notifications