Ethanol Production: मक्के से होगी किसानों की खूब कमाई, एथेनॉल प्रोडक्शन में मददगार

Ethanol Production: आपको बताते चलें कि एथेनॉल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार अब अपनी नीतियों में बदलाव कर रही है और मक्के को बढ़ावा दे रही है। अब तक एथेनॉल बनाने के लिए चीनी का इस्तेमाल होता था। लेकिन अक्टूबर 2023 से लेकर सितंबर 2024 के सीजन में चीनी उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत तक कम थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल में चीनी का उत्पादन 337 लाख टन रहा। ऐसे में सरकार ने गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है, क्योंकि इससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। अब सरकार मक्के से एथेनॉल बनाने पर विचार कर रही है, ताकि एक फसल पर उसकी निर्भरता को कम किया जा सके। असके अलावा मक्का उगाने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एथेनॉल बनाने के लिए मक्के की काफी ज्यादा जरूरत पड़ेगी।

Ethanol Plant

मक्के से बनेगा एथनॉल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर सरकार मक्के से एथेनॉल बनाने का फैसला करती है, तो इससे मक्का किसानों को जबरदस्त प्रॉफिट हो सकता है। आ रही जानकारी के मुताबिक एथेनॉल बनाने के लिए मक्के का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि गाने के सिरप पर इसकी निर्भरता को काम किया जा सके। खाद्य सचिव ने बताया है कि एथेनॉल प्लांट को सस्ते दाम पर मक्का देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

किसनों को भी होगा फायदा!

विशेषज्ञों के द्वारा कॉर्न एथेनॉल को बढ़ाने पर काफी पहले से जोर दिया जा रहा है। इससे कई फायदे मिलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मक्के से एथेनॉल बनाने पर किसने की आमदनी का स्रोत तो बेहतर होगा ही, साथ ही यह चावल जैसी दूसरी फसलों की खपत भी एथेनॉल बनाने के लिए कम होगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि धान उगाने में मक्के से ज्यादा लागत आती है और उनकी सिंचाई पर भी काफी पैसा खर्च होता है।

बताते चलें कि सरकार ने 2025 तक 20 फीसदी एथेनॉल का लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करने के लिए करीब 1.7 करोड़ तन मक्के की जरूरत पड़ेगी। इस वजह से यह किसानों के लिए एक अच्छी खबर भी है।

सरकारी जानकारी के मुताबिक गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने के फैसले की समीक्षा हर महीने की जाएगी। इसके साथ ही हर महीने गन्ने के उत्पादन के आधार पर एथेनॉल बनाने की समीक्षा की जाएगी।

गन्ने से एथनॉल बनाने पर लगी रोक

घरेलू चीनी बाजारों में सप्लाई बनाए रखने के लिए, सरकार गन्ने के जूस का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने के लिए नहीं कर रही है। ऐसा इस लिए क्यूंकि इस साल चीनी का उत्पादन 337 लाख रहने की उम्मीद है, जो पिछले सालों के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत तक काम है।

जानें क्या है एथेनॉल और इसे कहां करते हैं इस्तेमाल

आपको बताते चलें कि एथेनॉल का इस्तेमाल बायोफ्यूल बनाने के लिए किया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर वाहनों में इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दें कि इस फ्यूल को खास तरह के वाहनों में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि फ्लेक्स फ्यूल से चलने वाले वाहनों के इंजन भी अलग तरह के रहते हैं। एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल होता है जिसे फर्मेंटेशन प्रोसेस के जरिए तैयार किया जाता है।

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