नयी दिल्ली। सरकार 4 पीएसयू कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की अपनी योजना को आगे बढ़ा रही है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) कई सरकारी कंपनियों को बेचने की योजना पर काम कर रहा है। इनमें 4 कंपनियों के लिए अगले महीने आवेदन (एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट) मांगे जा सकते हैं। इनमें ऑयल मार्केटिंग कंपनी बीपीसीएल, शिपिंग कॉर्पोरेशन, कॉनकोर और बीईएमएल शामिल हैं। ये चारों कंपनियां अपने शेयरों के मौजूदा बाजार भाव के आधार पर सरकार को 49,000 करोड़ रुपये के करीब दिला सकती हैं।

किस कंपनी ने कितना मिलेगा
सरकार बीपीसीएल से 39,460 करोड़ रु, कॉनकोर से 7000 करोड़ रु , शिपिंग कॉर्प से 1543 करोड़ रु और बीईएमएल से 720 करोड़ रु जुटा सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार दीपम ने पिछले कुछ महीनों में इन कंपनियो में हिस्सेदारी बेचने के लिए नीतिगत बाधाओं को दूर करने के लिए कई कदम उठाएं हैं। उदाहरण के लिए कॉनकोर के मामले में इसे लैंड लाइसेंस पॉलिसी को फिर से तैयार करने के लिए रेलवे का साथ मिल गया है।
बिकने को तैयार बीपीसीएल
बीपीसीएल का विनिवेश सरकार के 1.2 लाख करोड़ रु के विनिवेश टार्गेट को पूरा करने के लिए बहुत अहम है। अब इस कंपनी के विनिवेश प्लान में तेजी आने की संभावना है क्योंकि तेल की कीमतों में सुधार हो गया है और कंपनी के पास ऊंची कीमतों पर खरीदी गई इंवेंट्री नहीं है। दूसरी बात इस कंपनी को खरीदने में कई निवेशक रुचि रखते हैं।
इन कंपनियों को बेचने की प्रोसेस आगे बढ़ी
सरकार कुछ और भी कंपनियों और इकाइयों को बेचने की तैयारी में है। इनमें सेल की दो कंपनियां और नीलाचल इस्पात की हिस्सेदारी बेचना शामिल है। इन यूनिट्स को बेचने के लिए प्रोग्रेस काफी तेजी से हुई है। इन कंपनियों को जल्द बेचने के लिए डील हो सकती है। इसके अलावा एयर इंडिया को बेचने के लिए भी सरकार पूरा जोर लगा रही है।


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