Compensation for death of domestic animals: बिहार सरकार की गवर्नमेंट स्कीम फॉर डोमेस्टिक एनिमल डेथ ने इसका फैसला लिया है कि प्रदेश में अगर बाढ़ में मवेशियों की मौत हो जाती है तो सरकार उसे मुआवजा प्रदान करवाएगी। इस स्कीम के तहत लोग अपने मृत मवेशियों के लिए क्लेम कर सकते हैं।
किसानों और पशुपालकों को उनके पशु मरने पर बहुत ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनकी ये इन्कम का सोर्स भी होता है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने किसानों और पशुपालकों के लिए ये फैसला लिया है इससे उन्हे काफी आराम मिल सकती है।

किसानों और पशुपालकों को मिलेगा मुआवजा
बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के माध्यम से इस योजना को शुरू किया गया है जिसका लाभ सीधे किसानों को मिल सके, इसका खास उद्देश्य ये है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के कारण पशुओं की मौत होने पर पशुपालकों को सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन सरकार ने योजना बनाई है कि केवल तीन पशुओं की मौत पर मुआवजा मुहैया करवाया जाएगा।
इतना मिलेगा मुआवजा
बिहार सरकार ने प्रदेश के किसानों और पशुपालकों को सुविधा देने के लिए इस योजना को बनाया है ताकि उन्हे थोड़ी राहत मिल जाए, बिहार सरकार ने सहाय्य अनुदान योजना शुरू की, जिसमें अलग-अलग पशुओं की मौत पर अलग-अलग मुआवजा देने का प्लान बनाया है।
दुधारू पशु
अगर आप गाय, भैंस या ऊंट को पालते हैं तो अगर उसकी मौत होने पर पशुपालक को प्रति पशु 37500 रुपए दिये जाएंगे, कुल 3 पशुओं की मौत होने पर ही यह मुआवजा मिलेगा, वहीं, बकरी, भेड़ और शुकर के मौत पर प्रति पशु 4,000 रुपए का मुआवजा मिलेगा अधिकत 30 पशुओं तक अनुदान दिया जाएगा।
मुर्गी पालन
जो लोग मुर्गी पालन करते हैं उन्हे प्रति यूनिट 100 रुपए का मुआवजा मिलेगा, इसकी अधिकतम सीमा 5000 रुपए है।
बोझ ढोने वाले पशु
अगर आपके बोझ ढोने वाला पशु है अगर उसकी मौत होती है तो आपको प्रति पशु 32000 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, इसमें शामिल पशु हैं जैसे बैल, ऊंट और घोड़ा, अधितकम 3 बोझ ढोने वाले पशुओं के लिए मुआवजा मिलेगा, वहीं इसके अलावा गधा, खच्चर के मौत पर प्रति पशु पशुपालक को 20000 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, यह राशि अधिकतम 6 पशुओं तक सीमित है।


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