बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को ऐलान किया कि ईपीएफ और एनपीएस सब्सक्राइबर्स को टैक्स में छूट का लाभ मिलता
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि जिन लोगों को छूट और कटौती मिलती है, उनके लिए आयकर दरों में कटौती के बाद, सरकार ने कहा कि सरकार लंबे समय में सभी आई-टी छूट को हटाने का इरादा रखती है। लोकसभा में अपना दूसरा बजट पेश करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि पिछले साल सितंबर में कॉर्पोरेट कर दरों में कटौती के बाद आयकर में कटौती हुई। बजट 2020 : इन 5 निवेश विकल्पों को लगा झटका ये भी पढ़ें

मंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। उसके बजट भाषण में अतिरिक्त पूंजी के लिए कोई विशिष्ट संख्या प्रदान नहीं की गई थी। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व उत्पादन में सुधार राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.5% तक कम करने की उम्मीद करता है जो अगले वित्त वर्ष में चालू वित्त वर्ष में 3.8% थी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को ऐलान किया कि ईपीएफ और एनपीएस सब्सक्राइबर्स को टैक्स में छूट का लाभ मिलता रहेगा। बजट 2020 पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण ने स्पष्ट किया कि ग्रेच्युटी एवं रिटायरमेंट से जुड़े अन्य लाभ पर भी टैक्स छूट मिलेगा। कम आय कर दरों के विकल्प पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम चाहते थे कि लोगों के हाथ में ज्यादा से ज्यादा पैसा हो, खासकर मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के लिए हमारी योजना थी। हम आयकर प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते थे।
वहीं उन्होंने ने कहा कि लोगों को ये सुविधा दी है कि वो अपनी मर्जी के मुताबिक टैक्स देने का विकल्प चुनें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब लोग बिना टैक्स एक्सपर्ट के टैक्स भर सकेंगे। टैक्स भरने के लिए अब लोगों को पहले से ज्यादा आसानी होगी और टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के जरिए लोगों की टैक्स से जुड़ी दिक्कतों का निपटारा किया जा सकेगा।
जानकारी दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रैच्युटी, रिटायरमेंट फंड पर टैक्स छूट मिलती रहेगी। सरकार की मंशा बिलकुल साफ है कि वेल्थ क्रिएशन किया जाए और ईमानदार टैक्सपेयर्स पर बिलकुल भी शक की गुंजाइश नहीं रहे। ईमानदार टैक्सपेयर को रिवॉर्ड मिलना चाहिए। वहीं जुलाई से लेकर जनवरी तक सरकार ने विनिवेश के लिए भरसक प्रयास किए हैं और विनिवेश की प्रक्रिया 6 महीने में पूरी की जाएगी।
इसके अलावा ईपीएफओ पर भी टैक्स छूट मिलती रहेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सितंबर में कॉर्पोरेट टैक्स में कमी के दौरान भी इस बार की इनकम टैक्स वाला तरीका अपनाया गया था। अब टैक्स के नाम पर लोगों से प्रताड़ना नहीं होगी। दरअसल निर्मला सीतारमण ने बजट में करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कर कानूनों को सरल बनाने के लिए नयी वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था पेश की है।
इसके तहत 2.5 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त रहेगी। 2.5 से पांच लाख तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा, लेकिन 12,500 रुपये की छूट बने रहने से इस सीमा तक की आय पर कर नहीं लगेगा। पांच से साढ़े सात लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत, साढ़े सात से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत, 10-12.5 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 12.5 से 15 लाख रुपये तक की आय पर 25 प्रतिशत की दर से आयकर का प्रस्ताव है। पंद्रह लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगेगा।


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