
Indian Economy : बढ़ते व्यापार घाटे में बढ़ोत्तरी और निर्यात में कमी को मंदी के कारण के रूप में देखा जा रहा है। सरकार आयात शुल्क में बढ़ोतरी करके गैर-आवश्यक वस्तुओं के आयात को रेगुलेट करने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार का आर्थिक मंत्रालय ऐसी तमाम वस्तुओं की एक सूची बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार उन वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने की सोच रही है जिन वस्तुओं का निर्माण देश में पर्याप्त मात्रा में होता है।
गैर जरूरी वस्तुओं के आयात पर बढ़ेगा टैक्स
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सरकार गैर-आवश्यक आयात को मॉनिटर कर रही है। साथ में सरकार यह भी देख रही है कि कौन सी वस्तुओं की विनिर्माण की क्षमता देश में पर्याप्त है। वर्तमान में सरकार स्टील, मिश्र धातु, चीनी मिट्टी सहित साइकिल हब के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियां पर विचार कर रही है। लेकिन घरेलू स्तर पर अतिरिक्त उप्पादन क्षमता के कारण सरकार केवल स्टील के लिए आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार अन्य वस्तुओं को लिस्ट करने पर भी तेजी से काम कर रही है। सरकार की पूरी कोशिश है कि देश के व्यापार घाटे को कम किया जाए।
एलईडी लाइटों पर भी हो रहा है विचार
इसी तरह, एलईडी लाइटों के आयात को रेगुलेट करने के लिए सरकार केवल सिंगल-वायर एलईडी लाइट के आयात पर हाई आयात शुल्क लगाने पर विचार कर रही है। सरकार का अन्य एलईडी बल्बों पर अधिक शुल्क लगाने पर विचार नहीं कर रही है। सरकार को टैक्स तय करने के लिए विभिन्न प्रकार की एलईडी लाइटों को अलग करना होगा। यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल है लेकिन सरकार इस पर काम कर रही है।
वैश्विक मंदी के आशंकाओं के बीच सरकार भारत के व्यापार घाटे को पूरी तरह से कम करने पर विचार कर रही है। निर्यात कम होने से सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार उन वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने की सोच रही है जिन वस्तुओं का निर्माण देश में पर्याप्त मात्रा में होता है।


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