सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। इसके लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
नई दिल्ली: सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। इसके लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल एलआईसी में हिस्सेदारी बिक्री से पहले वित्त मंत्रालय ने बीमा कंपनी के मूल्यांकन के लिए एक्चुरियल कंपनियों से आवदेन मंगाए है। इसके लिए कंपनियां 8 दिसंबर तक अपने आवेदन जमा कर सकती हैं।
सरकार एलआईसी में हिस्सेदारी बेच रही
सरकार की योजना एलआईसी में कुछ हिस्सेदारी बेचकर इसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की है। इसके लिए डेलॉयट और एसबीआई कैपिटल को पहले ही आईपीओ से पहले के लेनदेन का परामर्शक नियुक्त कर दिया है। टेंडर डाक्यूमेंट्स में निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ने कहा कि प्रस्ताविज आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले कंपनी के बारे में भी अनिवार्य सार्वजनिक सूचनाओं के प्रकाशन की शर्त पूरा करने के लिए एलआईसी को बीमा कंपनी के सन्निहित मूल्य के मूल्यांकन के नियम विकसित करने की जरूरत है। सन्निहित मूल्य का आकलन एक सामान्य मूल्यांकन पद्धति है। इसका उपयोग किसी बीमा कंपनी में शेयरधारकों के हित के समेकित मूल्य का अनुमान लगाने में होता है। इसमें कंपनी की वर्तमान सम्पत्ति और वर्तमान में चल रही बीमा पॉलिसियों से होने वाले लाभ के वर्तमान मूल्य को जोड़ा जाता है।
2.1 लाख करोड़ रुपए के रीकैपेटलाइजेशन प्रोग्राम को मिली थी मंजूरी
देश में सरकारी बैंकों के सामने एनपीए की समस्या को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने आईडीबीआई बैंक को एलआईसी के हवाले करने का फैसला लिया है। इसी तहत साल 2020 की शुरुआत में बैंकों को एनपीए से मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपए के रीकैपेटलाइजेशन प्रोग्राम को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही महज 5 साल में एलआईसी का एनपीए दोगुना होने की बात ने जोर पकड़ ली है।
नया निवेश करने से पहले करें कुछ समय इंतजार
ऐसे में अगर आप एलआईसी के बीमाधारक हैं तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि एलआईसी के मौजूदा संकट से आपकी पॉलिसी या प्रिमियम पर तुरंत कोई फर्क नहीं पड़ने जा रहा है। वहीं, अगर आप एलआईसी में कोई नया निवेश करना चाहते हैं तो कुछ समय इंतजार करना सही हो सकता है। बता दें आपकी पॉलिसी में कुछ राशि है तो आप सीधे एलआईसी से संपर्क कर सकते हैं और रकम प्राप्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद फॉर्म भर कर केवाईसी के नियमों को पूरी कर अनक्लेम्ड अमाउंट के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बता दें कि किसी भी धोखाधड़ी के दावों से बचने के लिए केवाईसी अनिवार्य है।
अनक्लेम्ड अमाउंट ऐसे करें चेक
- इसके लिए आप सबसे पहले एलआईसी की वेबसाइट के होम पेज पर जाएं।
- उसके बाद वेबसाइट खुलने के बाद आप पेज के सबसे नीचे जाएं।
- यहां आप Unclaimed Amounts of Policyholders पर क्लिक करें।
- क्लिक करने के बाद आपको नया पेज खुलेगा। यहां आप अपनी डिटेल भर कर चेक कर सकते हैं।
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