विरोध के बीच सरकार का किसानों को तोहफा, 1 लाख करोड़ रु के एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का ऐलान

नयी दिल्ली। पंजाब और हरियाणा के किसान तीन नये कृषि कानूनों का जम कर विरोध कर रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने किसानों के विरोध को देखते हुए एक खास पैकेज का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटाई के बाद के प्रबंधन और फार्म एसेट्स की देखभाल के लिए कृषि-उद्यमिता, स्टार्टअप्स, कृषि-तकनीकी कंपनियों और किसान समूहों के लिए कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत 1 लाख करोड़ रुपये की फाइनेंसिंग सुविधा शुरू की। इसके बाद फसल प्रबंधन और कृषि परिसंपत्तियों का पोषण किया गया। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के तहत 8.55 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों को 17,100 करोड़ रुपये की छठी किस्त भी जारी कर दी है।

नया एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च

नया एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए नया एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोरोना संकट के मद्देनजर घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के राहत पैकेज के तहत इस फंड को मंजूरी दी थी, जबकि केंद्र सरकार की पीएम किसान योजना 2018 से चल रही है। आइए जानते हैं एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के बारे में सब कुछ।

2029 तक रहेगा लागू

2029 तक रहेगा लागू

नया एग्री-इंफ्रा फंड का उद्देश्य ब्याज सबवेंशन (राजकीय सहायता या सब्सिडी) और वित्तीय सहायता के माध्यम से फसल-कटाई के बाद के इंफ्रास्ट्रक्चर और सामुदायिक कृषि संपत्तियों के लिए अच्छी परियोजनाओं में निवेश के लिए मध्यम से लंबी अवधि की लोन फाइनेंसिंग सुविधा प्रदान करना है। इस फंड की अवधि 10 साल (2029 तक) की होगी। इसके तहत कई फाइनेंशियल संस्थानों के साथ साझेदारी में लोन के रूप में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए जाएंगे। ये लोन प्राइमरी एग्री-क्रेडिट सोसायटी, किसान समूह, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि-उद्यमी, स्टार्टअप और कृषि-तकनीकी कंपनियों को दिए जाएंगे। 12 सरकारी बैंकों में से 11 ने कृषि मंत्रालय के साथ समझौता भी कर लिया है।

मिलेगी क्रेडिट गारंटी और सब्सिडी

मिलेगी क्रेडिट गारंटी और सब्सिडी

इस फंड की सबसे खास बात है ये है कि ब्याज पर 3 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी। वहीं 2 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी भी दी जाएगी। 1 लाख करोड़ रु का लोन 4 सालों में दिया जाएगा। इस साल 10000 करोड़ रु और अगले 3 सालों में 30-30 हजार करोड़ रु बतौर लोन दिए जाएंगे। इस फाइनेंसिंग फैसिलिटी के तहत लोन चुकाने में मोरेटोरियम की भी सुविधा मिलेगी। अधिकतम मोरेटोरियम अवधि 2 साल और न्यूनतम 6 महीने होगी। इसके अलावा 2 करोड़ रुपये तक के लोन के लिए सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के तहत इस सुविधा से उधारकर्ताओं के लिए क्रेडिट गारंटी कवरेज उपलब्ध किया जाएगा। इस कवरेज के लिए शुल्क का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।

इसलिए हो सकेगा पैसे का इस्तेमाल

इसलिए हो सकेगा पैसे का इस्तेमाल

ये लोन कोल्ड स्टोर और चेन, वेयरहाउसिंग, साइलो, परख (परख करने की क्रिया), ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयों की स्थापना के लिए दिया जाएगा। एग्री-इंफ्रा फंड, जिसे एक ऑनलाइन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रबंधित और मॉनिटर किया जाएगा, के तहत सभी योग्य संस्थानों में लोन के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

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