
Small Taxpayers Gets Tax Relief : सरकार की तरफ से छोटे आयकरदाताओं को राहत दी गयी है। वित्त मंत्रालय ने नए टैक्स सिस्टम के तहत छोटे आयकरदाताओं (स्मॉल टैक्सपेयर्स) को थोड़ी टैक्स राहत की पेशकश की है। ये राहत उन्हें मिलेगी, जिनकी आय 7 लाख रु से अधिक हो। यह राहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए एक अप्रैल से मिलेगी। आगे जानिए क्या मिलेगा नया फायदा।
कितनी मिलती है छूट
नई टैक्स व्यवस्था के तहत नए टैक्स स्लैब में उन इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को 25,000 रुपये की टैक्स छूट मिलती है, जिनकी कर योग्य आय 7 लाख रुपये तक है। इस तरह ऐसे टैक्सपेयर्स 7 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर जीरो टैक्स का भुगतान करते हैं। हालांकि, अगर किसी टैक्सपेयर्स की आय 7 लाख रु से सिर्फ सौ रुपये ही अधिक हो (यानी - 700,100 रुपये) तो उसे 25010 रु का टैक्स देना होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो सिर्फ 100 रु अतिरिक्त कमाने पर 25010 रु (सेस से पहले) का टैक्स। इसलिए अब यह सुनिश्चित करने के लिए मार्जिनल राहत दी गयी है कि पेयबल टैक्स (देय कर) 7 लाख रुपये से अधिक की आय होने पर उससे अधिक न हो, जितनी अधिक 7 लाख रु से आय है। यानी अगर किसी की इनकम 7,00,100 रु है तो उसकी टैक्स देनदारी 100 रु से अधिक न हो।

कितनी इनकम तक वाले रहेंगे फायदे में
इस मार्जिनल टैक्स राहत से उन टैक्सपेयर्स को फायदा होने की संभावना है जिनकी टैक्सेबल इनकम (मिलने वाली कटौतियों का क्लेम करने के बाद) 7 लाख रुपये से 7.3 लाख रुपये के बीच है। जानकारों का मानना है कि फाइनेंस बिल में बदलाव 7 लाख रुपये से अधिक की आय वाले उन लोगों को फायदा देगी, जिनकी इनकम 7 लाख रु की लिमिट के बहुत करीब है।

इन्हें नहीं मिलेगा फायदा
हालांकि, अगर कोई छोटा करदाता 1 अप्रैल, 2023 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2023-24 में पुराने टैक्स सिस्टम को चुनने की योजना बना रहा है, तो वह इस राहत का फायदा लेने का पात्र नहीं होगा।


Click it and Unblock the Notifications