नयी दिल्ली। बजट 2020 से पहले केंद्र सरकार ने एयरलाइन कंपनियों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से देश के सभी हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट्स और हवाई जहाजों में ईंधन थ्रूपुट चार्ज या एयरपोर्ट ऑपरेटर चार्ज को खत्म करने की घोषणा की है। यानी अब विमान सर्विस कंपनियों को देश के किसी एयरपोर्ट पर विमान में फ्यूल भरवाने पर एयरपोर्ट ऑपरेटर को कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया है ताकि एविएशन सेक्टर प्रोफिटेबल यानी लाभप्रद बना रहे। सरकार की तरफ से जारी किये गये एक सर्कुलर में कहा गया है कि एयरपोर्ट ऑपरेटर विमानों में फ्यूल डालने के लिए जमीन के इस्तेमाल के लिए ऑयल कंपनियों से चार्ज लेते हैं और बिना किसी वास्तविक सर्विस के बगैर वे विमान कंपनियों से भी शुल्क लेते हैं। इसलिए इसे फौरन खत्म करने का फैसला लिया गया है।

इन तरीको से लिया जाता है शुल्क
ईंधन से संबंधित शुल्क हवाई अड्डों, एयर स्ट्रिप और हेलिपोर्टों पर तीन हिस्सों में वसूल किए जाते हैं - इनमें एयरपोर्ट ऑपरेटर चार्ज, फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज और इन्टो प्लेन चार्ज या तीनों को एक मिला कर जिसे ईंधन थ्रूपुट चार्ज कहा जाता है। इसे खत्म किये जाने से एयरलाइन कंपनियों को राहत मिलेगी। बजट से पहले सरकार के इस कदम को बड़ी राहत माना जा सकता है। आज पीएम मोदी ने नीति आयोग के अधिकारियों और कई मंत्रियों के साथ बैठक भी की थी।
1 फरवरी को आयेगा बजट
शनिवार को आयेगा आगामी बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जायेगा। 1 फरवरी को शनिवार है और ऐसी अटकलें थी कि शनिवार और फिर रविवार होने के कारण सरकार बजट 1 के बजाय 3 फरवरी को पेश कर सकती है। मगर अब संसदीय कार्यमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया है कि शनिवार होने के बावजूद 1 फरवरी को ही बजट पेश किया जायेगा। शेयर बाजार यानी बीएसई और एनएसई शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। मगर बजट के कारण इस बार शनिवार को शेयर बाजार खुला रहेगा। शेयर बाजार के जानकार मानते हैं बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहे तो उतार-चढ़ाव पर निगाह रहती है।
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