नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के खतरे के कारण पूरे देश में फिलहाल 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। सरकार की तरफ से कुछ जरूरी सर्विस और चीजों के मामले में छूट दी गयी। मगर फिर भी अफवाहों के बीच लोगों को कंफ्यूजन है कि क्या-क्या खुला है और क्या बंद है। ऐसे में बैंकों को लेकर भी तरह तरह की अफवाहें और गलत खबरें फैलाई जा रही हैं। इस बीच सरकार ने बैंकों के मामले में एक स्पष्टीकरण जारी किया है। वित्तीय सेवा सचिव देबाशीष पांडा ने जानकारी दी है कि देश में कोरोनावायरस के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान बैंक शाखाएँ खुली और एक्टिव रहेंगी। बैंक शाखा बंद होने की अफवाहों को खारिज करते हुए पांडा ने कहा कि कस्टमर सर्विस ब्रांच आवश्यक सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैंक शाखाएं खुली हुई हैं और आप जरूरी काम निपटा सकते हैं।
कैश की कोई किल्लत नहीं
वित्तीय सेवा सचिव ने ग्राहकों को ये भी आश्वासन दिया कि सिस्टम में कैश की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से बैंक शाखाओं के बंद होने की अफवाहों पर विश्वास न करने का भी अनुरोध किया। पांडा ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि ग्राहक सेवा बैंक शाखाएँ चालू हैं और सेवाएं प्रदान करना जारी रखेंगी। शाखाओं और एटीएम में पर्याप्त नकदी है। शाखा बंद होने की अफवाहों पर भरोसा न करें। यानी आप बैंक जाकर जरूरी काम निपटा सकते हैं और एटीएम से कैश भी निकाल सकते हैं। हालांकि बैंकों और आरबीआई ने कैश के बजाय इस समय डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने की सलाह भी दे रखी है।
घटा बैंक खुले रहने का समय
हालांकि कोरोनोवायरस महामारी के बीच कई सार्वजनिक और निजी बैंकों ने काम के घंटों में कटौती कर दी है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कोरोनोवायरस के मद्देनजर सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए काम के घंटे कम कर दिए। एसबीआई के रिटेल बैंकिंग मैनेजिंग डायरेक्टर पीके गुप्ता के अनुसार कई राज्यों में हमने अपनी शाखा के खुलने का समय सीमित कर दिया है। कुछ राज्यों में एसबीआई का समय सुबह 7 से 10 बजे तक, कुछ राज्यों में सुबह 8 से 11 बजे और कुछ जगह 10 बजे से 2 बजे तक है।
प्राइवेट बैंकों ने भी बदला समय
एक्सिस बैंक ने बैंकिंग घंटों में कटौती की है। एक्सिस बैंक के बैंकिंग घंटे सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक हैं। एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक जैसे कई अन्य निजी क्षेत्र के बैंकों ने भी कोरोनोवायरस महामारी के बीच अपने बैंकिंग घंटों में बदलाव किया है। बता दें कि लॉकडाउन के कारण फाइनेंशियल सिस्टम में दिक्कत न आए इसके लिए आरबीआई ने कई बड़ी राहतें दी हैं। इनमें रेपो रेट कम करना शामिल है।


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