नई दिल्ली, अगस्त 10। राज्य सरकारें छात्रों के लिए काफी योजनाएं पेश करती हैं। इनमें से एक फेलोशिप योजना होती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फेलोशिप योजना शुरू की है। ये यूपी के पिछड़े ब्लॉकों के विकास के लिए शुरू की गयी है। इस स्कीम का नाम है मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपी कैबिनेट अपनी एक बैठक में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम को मंजूरी दे चुकी। योजना के तहत राज्य के 100 पिछड़े ब्लॉकों में विकास की गति को रफ्तार देने पर ध्यान दिया जाएगा। आगे जानिए फेलोशिप स्कीम के फायदे और पात्रता।
कैसे होगी नियुक्ति
फेलोशिप स्कीम के तहत राज्यों के एक-एक ब्लॉक के लिए एक रिसर्च स्टूडेंट को नियुक्ति किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को लागू करने में दो दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर करना है। इसी के लिए छात्र रिसर्चर की मदद ली जाएगी। जो छात्र योजना के तहत शोध के लिए चुने जाएंगे उन्हें विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं की निगरानी और वैल्युएशन करनी होगी। उन्हें विभिन्न ब्लॉकों में काम करना होगा।
कितने ब्लॉक के लिए होगा चयन
सरकार 100 ब्लॉक के लिए छात्रों को चुनेगी। 100 ब्लॉकों के लिए कुल 100 शोधकर्ताओं का सिलेक्शन होगा। उन्हें चल रही विभिन्न योजनाओं का आकलन करना होगा। इसके लिए उन्हें सर्वेक्षण करना होगा, कार्यान्वयन प्रक्रिया की समीक्षा करनी होगी, जुटाए गए डेटा का विश्लेषण करना होगा, कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में समस्याओं का समाधान ढूंढना होगा। उन्हें उन तरीका का सुझाव देना होगा जिनके जरिए योजनाओं को सरलता से किया जा सकेगा।
कितना किया जाएगा भुगतान
एक अधिकारी के अनुसार युवा शोधकर्ताओं के नये नजरिए और ऊर्जा का फायदा लिया जाएगा। उनके अनुभवों से राज्य को लाभ होगा। ये फेलोशिप एक साल के लिए होगी। इनमें सभी को प्रति माह 30,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। ये एक तरह का फुल टाइम रोजगार होगा। हर महीने 30000 रु के अलावा हर महीने 10,000 रुपये का भुगतान ट्रेवल अलाउंट के लिए किया जाएगा। वहीं टैबलेट की खरीदारी के लिए भी पैसा दिया जाएगा। ये राशि होगी 15,000 रुपये, जो एक बार में दी जाएगी।
एक साल बढ़ सकती है फेलोशिप
जैसा कि हमने बताया कि फेलोशिप की अवधि एक साल की है। मगर इसे एक और के लिए बढ़ाया जा सकता है। जो शोधकर्ता चयनित होंगे वे जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के अंडर काम करेंगे। कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, वन, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, कौशल विकास, ऊर्जा, पर्यटन और संस्कृति, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी क्षेत्र के छात्रों पर विचार किया जाएगा।
कितनी होनी चाहिए आयु
यदि आप इस फेलोशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि आपका किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में पास होना जरूरी है। यानी स्नातक में न्यूनतम 60 फीसदी नंबर होने चाहिए। आयु के नियम की बात करें तो आपकी नियम 40 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए। इसका लाभ यूपी के सभी विश्वविद्यालयों से पढ़े छात्रों को मिलेगा। सरकार की ओर से जल्द ही इसके लिए विज्ञापन दिया जाएगा। सरकार इन शोधार्थियों की मदद से पिछड़े जिलों का कायाकल्प करना चाहती है।
More From GoodReturns

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

RBI MPC Meeting August 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लोन और आपकी EMI पर कैसा असर?

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

RBI ने Repo Rate रखा बरकरार, EMI, महंगाई, रुपया और शेयर बाजार पर क्या असर?

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका

ब्रिटानिया के Q1 नतीजे आज: क्या बिस्कुट-केक के दाम बढ़ेंगे? निवेशकों की इन बातों पर टिकी नजर



Click it and Unblock the Notifications