नई दिल्ली, मई 22। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और अच्छी खबर आई है। इस बार सरकार ने उनके वेरिएबल महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार के 1.5 करोड़ से अधिक कर्मचारियों के परिवर्तनीय या वेरिएबल डीए में बढ़ोतरी की जाएगी। कर्मचारियों के वेरिएबल डीए में 105 रु से 210 रु तक की बढ़ोतरी की जाएगी। 1 अप्रैल 2021 को होने वाली इस वेतन बढ़ोतरी से मध्य क्षेत्र के कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन में भी वृद्धि होगी।
किन सेक्टरों के कर्मचारियों को होगा फायदा
यह केंद्रीय क्षेत्र में नामित रोजगार के लिए होगा और केंद्र सरकार प्राधिकरण के तहत आने वाले इंस्टिट्यूशन पर लागू होगा। इनमें रेलवे प्रशासन, खदानें, तेल क्षेत्र, प्रमुख बंदरगाह और केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किसी भी कंपनी को शामिल किया जाएगा। इन सभी कंपनियों के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों का वेरिएबल डीए में बढ़ोतरी होगी। ये रेट कॉन्ट्रैक्ट और नॉन-कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों/कर्मचारियों दोनों पर लागू होंगी।
1 अप्रैल से होगा अपडेट
मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय (सीएलसी) डीपीएस नेगी के अनुसार केंद्रीय क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 105 रुपये से 210 रुपये प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) की दर को 1 अप्रैल 2021 से अधिसूचित और अपडेट किया गया है। ऐसे समय में जब देश कोविड-19 महामारी के दूसरी लहर से जूझ रहा है, केंद्रीय क्षेत्र में विभिन्न अनुसूचित रोजगारों में काम कर रहे विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी।
कैसे अपडेट होता है वीडीए
औद्योगिक श्रमिकों के लिए औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू), श्रम ब्यूरो द्वारा जनरेट किया गया एक मूल्य सूचकांक, का उपयोग वीडीए को अपडेट करने के लिए किया जाता है। नये वीडीए को जुलाई से दिसंबर 2020 तक औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधारित पर बढ़ाने का फैसला लिया गया है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार के अनुसार वीडीए में बढ़ोतरी से देश भर में लगभग 1.50 करोड़ कर्मचारियों को मदद मिलेगी, जो केंद्रीय क्षेत्र में विभिन्न अनुसूचित नौकरियों में सेवाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि वीडीए में वृद्धि से इन श्रमिकों को विशेष रूप से इस महामारी के समय में काफी मदद मिलेगी।
कौन करता है तय
केंद्रीय क्षेत्र में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का विनियमन मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) निरीक्षण अधिकारी द्वारा तय किया जाता है, जो केंद्रीय क्षेत्र या सेक्टर में अनुसूचित रोजगार में लगे श्रमिकों का निरीक्षण करने के लिए देश भर में ट्रेवल करते हैं।
पंजाब के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी
इस महीने के पहले हफ्ते में खबर आई थी कि पंजाब सरकार के 6वें वेतन आयोग ने सभी कर्मचारियों के वेतन में दो गुना वृद्धि की सिफारिश की है। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 6,950 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है। आयोग ने वेतन और अन्य लाभों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी का सुझाव दिया है और सरकारी कर्मचारियों के लिए भत्ते में भी बढ़ोतरी की सिफारिश की गयी है। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में औसत वृद्धि 20 प्रतिशत की सीमा में होने की उम्मीद है।


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