केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब एक बड़ा फैसला लेना है, जो उनके पूरे रिटायरमेंट जीवन पर असर करेगा। सरकार ने सभी कर्मचारियों को यह विकल्प दिया है कि वे मौजूदा नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में रहना चाहते हैं या फिर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को अपनाना चाहते हैं।
यह फैसला 30 जून 2025 तक लिया जाना जरूरी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह विकल्प केवल एक बार ही चुना जा सकता है। एक बार UPS या NPS में आने के बाद भविष्य में उसे बदला नहीं जा सकेगा।

नए कर्मचारियों के लिए अलग शर्तें
उन लोगों को अपनी नौकरी के शुरुआती 30 के अंदर ही UPS या NPS में से किसी एक को सिलेक्ट करना है। अगर तय समय में किसी विकल्प को चुना गया तो कर्मचारी को ऑटोमैटिकली NPS में शामिल कर दिया जाएगा।
क्या है UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम)?
UPS एक नई तय पेंशन योजना है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई है। इसमें नौकरी पूरी करने के बाद एक निश्चित पेंशन दी जाती है, जो आपकी अंतिम सैलरी पर आधारित होती है। अगर किसी कर्मचारी ने कम से कम 10 साल नौकरी की है, तो उसे रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलेगी।
जिन्होंने 25 साल या उससे ज्यादा की सर्विस की है, उन्हें उनकी आखिरी 12 महीनों की औसत सैलरी का 50% हर महीने पेंशन के रूप में मिलेगा। इसके अलावा UPS में महंगाई के हिसाब से पेंशन बढ़ाई जाती है।
UPS में सरकार और कर्मचारी कितना योगदान देंगे?
इस योजना में कर्मचारी को अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 10% हिस्सा जमा करना होगा। सरकार की तरफ से दो भागों में योगदान होगा एक हिस्सा (10%) कर्मचारी के खाते में दूसरा हिस्सा (8.5%) एक विशेष पूल फंड में जाएगा, जिससे पूरे सिस्टम की स्थिरता बनी रहे। UPS की खास बात यह भी है कि हर 6 महीने की सेवा पर कर्मचारी को एकमुश्त DA के बराबर बोनस मिलेगा। अगर किसी ने 25 साल की नौकरी की है, तो कुल मिलाकर उसे 5 महीने की सैलरी के बराबर बोनस राशि मिलेगी।
क्या है NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम)?
NPS एक बाजार आधारित पेंशन योजना है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कितना निवेश किया और उस पर कितना रिटर्न मिला।
इसमें कर्मचारी अपनी सैलरी का 10% योगदान करता है, जबकि सरकार की तरफ से 14% तक योगदान किया जाता है। रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को जमा रकम से एन्युटी खरीदनी होती है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है।
किसे क्या चुनना चाहिए?
अगर आप चाहते हैं कि आपकी पेंशन फिक्स हो और महंगाई के अनुसार बढ़ती रहे, और आप पूरी सेवा (25+ साल) पूरी करने की सोच रहे हैं, तो UPS एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
लेकिन अगर आप बाजार की चाल के अनुसार ज्यादा रिटर्न कमाने को तैयार हैं और भविष्य में नौकरी बदलने की संभावना है, तो NPS ज्यादा लचीलापन देता है।
UPS के कुछ नुकसान भी हैं
UPS में सरकार का 8.5% योगदान सीधे आपके खाते में नहीं जाता, बल्कि पूल फंड में जाता है। रिटायरमेंट के समय अगर आपके पास तयशुदा 'कॉर्पस' नहीं है, तो आपकी पेंशन भी कम हो सकती है। अगर किसी कारणवश आप नौकरी छोड़ते हैं या सेवा से निकाले जाते हैं, तो आपको UPS में पेंशन नहीं मिलेगी। 25 साल से ज्यादा सेवा करने पर कोई अतिरिक्त फायदा नहीं दिया जाता।
क्या है सरकार का मकसद?
सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों को एक सुरक्षित और स्थिर पेंशन व्यवस्था दी जाए जिसमें भविष्य की महंगाई और जीवन यापन की चुनौतियों का सामना किया जा सके। UPS इसी सोच के तहत पेश की गई है।
More From GoodReturns

Investment Alert: 31 मार्च से पहले निपटा लें PPF, NPS और SSY से जुड़ा यह काम, नहीं तो अटक सकता है फायदा

Silver Price Today: 4 मार्च को चांदी में भारी उतार-चढ़ाव! 30,000 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Price Today: 8 मार्च को सोना खरीदने का प्लान है? जानें आज रविवार को गोल्ड रेट सस्ता हुआ या महंगा

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस



Click it and Unblock the Notifications