नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण जो चीजें सबसे अधिक डिमांड में हैं सेनिटाइजर उनमें से एक है। वायरस से बचने के लिए हाथों को साफ रखने के लिए ये एक बेहद जरूरी प्रोडक्ट है। कोरोना महामारी के चलते सेनिटाइजर की कीमतों में बहुत अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसी को देखते हुए सरकार ने अब कुछ अन्य जरूरी चीजों सहित सेनिटाइजर के निर्यात पर रोक लगा दी है। सेनिटाइजर के अलावा वेंटिलेटर्स और अन्य आईसीयू उपकरणों के निर्यात पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इससे पहले 19 मार्च को सरकार ने मास्क बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाली टेक्सटाइल सामग्री और सभी सर्जिकल / डिस्पोजेबल मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

कंपनियों ने घटाए सेनिटाइजर के दाम
इस बीच कई एफएमसीजी कंपनियों ने सेनिटाइजर की कीमतें कम की हैं, जो लोगों के लाभदायक है। सेनिटाइजर की जरूरत पर सरकार का निर्देश मानते हुए जिन कंपनियों ने सेनिटाइजर की कीमतें घटाईं उनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, गोदरेज, हिमालय और डाबर शामिल हैं। इन कंपनियों ने सेनिटाइजर का प्रोडक्शन भी बढ़ा दिया है, ताकि बाजार में इसकी उपलब्धता बनी रहे। कंपनियों का कहना है कि कीमतों पर लगी पाबंदी का उल्लंघन न करते हुए इस गंभीर संकट के समय वे देश के साथ हैं। इसीलिए इस जरूरी उत्पाद की कीमतें घटा दी हैं और उत्पादन में इजाफा किया है।
विपक्ष ने साधा निशाना
सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर कोरोनोवायरस प्रकोप के बीच जीवन रक्षक उपकरणों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लेने में देरी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या आपको 19 मार्च तक केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और वाणिज्य सचिव को वेंटिलेटर, सर्जिकल मास्क, फेस मास्क, मास्क का कच्चा माल / कवर के निर्यात की अनुमति देने के लिए निलंबित नहीं करना चाहिए। भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या 9 और संक्रमित लोगों की तादाद 518 हो गयी है।


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