नई दिल्ली, फरवरी 26। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश की सबसे बड़ी बीमाकर्ता एलआईसी के विनिवेश की सुविधा के मकसद से ऑटोमैटिक रूट के तहत 20 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूदी दे दी है। यानी अब एलआईसी में 20 फीसदी निवेश की अनुमति होगी सरकार ने यह फैसला एलआईसी के आईपीओ से कुछ ही दिन पहले लिया है। आगे जानिए बाकी डिटेल।
कैबिनेट में पीएम रहे मौजूद
बता दें कि अभी सरकार ने एलआईसी में विदेशी निवेश को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अभी केवल सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। इस संबंध में फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने लिया। भारत की सबसे बड़ी बीमा और सरकारी कंपनी की योजना भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने की है, जिसके लिए सेबी के पास आवेदन कर दिया गया है।
5 फीसदी हिस्सेदारी बिकेगी
सरकार अगले महीने एलआईसी के आईपीओ से करीब 8 अरब डॉलर जुटाने के लिए इसके 5 फीसदी शेयर बिक्री के लिए रखेगी। कैबिनेट की बैठक के बाद संशोधन विदेशी प्रत्यक्ष निवेशकों को एलआईसी के 20 फीसदी शेयर ऑटोमैटिक रूट से खरीदने की अनुमति देगा। सेबी के नियमों के अनुसार आईपीओ के तहत एफपीआई और एफडीआई दोनों की अनुमति है। मगर एलआईसी अधिनियम में विदेशी निवेश के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए विदेशी निवेशकों की भागीदारी के संबंध में एलआईसी आईपीओ को सेबी के मानदंडों के साथ मैच करने की आवश्यकता है।
पिछले साल आईपीओ को मंजूरी
कैबिनेट ने पिछले साल जुलाई में एलआईसी के आईपीओ को मंजूरी दी थी और मौजूदा मार्च तिमाही के लिए हिस्सेदारी बिक्री की योजना बनाई जा रही है। ये देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। एलआईसी ने 13 फरवरी को सरकार द्वारा मंजूर किए जाने के बाद 5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए बाजार नियामक सेबी के पास आवेदन दाखिल किया था।
मार्केट वैल्यू का खुलासा नहीं
आवेदन के मसौदे में एलआईसी की मार्के वैल्यू का खुलासा नहीं था। मगर जानकारों का अनुमान है कि यह एम्बेडेड मूल्य का लगभग तीन गुना या लगभग 16 लाख करोड़ रुपये होगा। एलआईसी पब्लिक इश्यू भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बड़ा आईपीओ होगा। एक बार लिस्टेड होने के बाद, एलआईसी की मार्केट वैल्यू रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस जैसी टॉप कंपनियों के बराबर होगी।
अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ
अब तक 2021 में पेटीएम के आईपीओ से जुटाई गई राशि 18,300 करोड़ रुपये में सबसे बड़ी थी। इसके बाद कोल इंडिया (2010) का आईपीओ लगभग 15,500 करोड़ रुपये का था। वहीं रिलायंस पावर (2008) का आईपीओ 11,700 करोड़ रुपये का था। एलआईसी के आईपीओ में इसके पॉलिसीधारकों के लिए 10 फीसदी शेयर आरक्षित रहेंगे। इसके पॉलिसीधारकों को एक और फायदा मिल सकता है। दरअसल आईपीओ में पॉलिसीधारकों को छूट के साथ शेयर बेचे जा सकते हैं। जी हां एलआईसी आईपीओ में कंपनी के पॉलिसीधारकों को छूट पर शेयर दिए जा सकते हैं। एलआईसी का आईपीओ अगले महीने लॉन्च किया जा सकता है। एलआईसी आगामी आईपीओ में अपने पॉलिसीधारकों को 5 फीसदी की छूट पर शेयर दे सकती है।


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