नई दिल्ली, जुलाई 24। नागपुर के एक प्रतिभाशाली किशोर का अमेरिका में काम करने का सपना उसकी उम्र के कारण अचानक समाप्त हो गया। एक खास कोडिंग प्रतियोगिता जीतने के बाद वेदांत देवकाटे को एक अमेरिकी फर्म में 33 लाख रुपये के सैलेरी के साथ एक ड्रीम जॉब की पेशकश की गई थी। मगर उसकी इस कामयाबी में एक अड़चन बन गयी। आगे जानिए पूरी डिटेल।
कितनी है वेदांत की आयु
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार वेदांत केवल 15 वर्ष के हैं। अमेरिकी एम्प्लोयर्स को यह पता लगा तो उन्होंने अपने ऑफर को कैंसल कर दिया। यह सब तब शुरू हुआ जब वेदांत को अपनी मां के लैपटॉप पर इंस्टाग्राम ब्राउज़ करते हुए कोडिंग प्रतियोगिता का लिंक मिला। उन्होंने दो दिनों में कोड की लगभग 2,066 लाइन्स लिखीं और प्रतियोगिता जीती।
दुनिया भर के लोग थे शामिल
वेदांत के कोडिंग कौशल से प्रभावित होकर, न्यू जर्सी स्थित एक विज्ञापन एजेंसी ने उन्हें अपने एचआरडी डिपार्टमेंट में नौकरी की पेशकश की। उन्हें दुनिया भर से लगभग 1,000 अन्य एंट्रीज में से चुना गया था। दुर्भाग्य से, उन्हें यह पता लगने के बाद ऑफर वापस लेना पड़ा कि वेदांत केवल 15 वर्ष के हैं। मगर वेदांत के लिए सब कुछ खो नहीं गया है क्योंकि कंपनी ने उसे निराश न होने और उसकी शिक्षा के बाद कॉन्टैक्ट में रहने के लिए कहा है।
बनाई खुद की वेबसाइट
वेदांत ने एक वेबसाइट, animeeditor.com डेवलप की है, जो संरक्षकों को ब्लॉग, चैटबॉक्स और वीडियो देखने के प्लेटफॉर्म की अतिरिक्त सुविधाओं के साथ यूट्यूब से वीडियो अपलोड करने की सुविधा देती है। ऑनलाइन प्रतियोगिता जीतने के अलावा, उन्होंने नारायण-ए-टेक्नो, वाथोडा में अपने स्कूल में एक साइंस एग्जिबिशन में गोल्ड मेडल भी जीता। उस समय उन्होंने एक रडार सिस्टम मॉडल डिजाइन किया था।
माता-पिता को नहीं पता चला
उनके माता-पिता, राजेश और अश्विनी, नागपुर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर हैं। उन दोनों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वेदांत को अमेरिका में नौकरी मिल गई है। राजेश के अनुसार हमारे पास इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उनके बेटे के स्कूल से एक कॉल आया था जिसके जरिए उन्हें इस नौकरी की पेशकश के बारे में बताया गया।
क्या होती है कोडिंग
इंटरनेट के इस दौर में हर चीज़ रफ़्तार से आगे बढ़ रही है। इसके आगे बढ़ने में स्मार्टफोन और कंप्यूटर का बहुत बड़ा रोल है। कोई न कोई वेबसाइट का आप रोज़ इस्तेमाल करते हैं, पर क्या आप जानते हैं वेबसाइट या एप आप जो इस्तेमाल करते हैं वह कोडिंग की वजह से काम करती है। बता दें कि कंप्यूटर की अपनी भाषा होती है जिसे मशीन कोड कहते हैं। वो कंप्यूटर को बताता है कि क्या करना है और कैसे करना है। यानि कंप्यूटर जो भाषा समझता है उसे कोडिंग कहते हैं। मशीन कोड एक कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो बाइनरी (0,1) में लिखा जाता है। अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओँ को मशीन कोड में ट्रांसलेट किया जाता है ताकि कंप्यूटर उन्हें पढ़ सके। मशीन कोड की जगह प्रोग्रामिंग भाषा (HTML, CSS, Java आदि) का इस्तेमाल करते हैं, जिसे समझना भी आसान है।
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