ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए गूगल ने भारत में एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित "सेफर विद गूगल इंडिया समिट" के दौरान कंपनी ने सेफ्टी चार्टर लॉन्च किया। इस चार्टर का मकसद इंटरनेट यूजर्स, बिजनेस और सरकारी संस्थानों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखना है।

AI के जरिये ठगों पर शिकंजा
गूगल ने जानकारी दी कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहा है ताकि स्कैम और धोखाधड़ी से जुड़ी एक्टिविटीस को रोका जा सके। कंपनी के मुताबिक, हर महीने 500 मिलियन से ज्यादा फर्जी मैसेज को ब्लॉक किया जा रहा है। Google Pay ने अब तक 4.1 करोड़ से ज्यादा फ्रॉड अलर्ट भेजे हैं। गूगल की 'डिजीकवच' पहल के तहत 17.7 करोड़ भारतीयों तक डिजिटल सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई गई है।
यूपीआई से जुड़ी धोखाधड़ी में भारी नुकसान
2024 में केवल यूपीआई स्कैम की वजह से भारतीय नागरिकों को 1,087 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से साफ है कि 2022-23 में जहां लगभग 7.25 लाख फ्रॉड केस सामने आए, साल 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 13.42 लाख हो गया। यह दिखाता है कि स्कैम से निपटने के लिए तकनीकी और जागरूकता दोनों की सख्त जरूरत है।
गूगल इंडिया की प्रमुख का बयान
गूगल इंडिया की कंट्री हेड प्रीति लोबाना ने कहा कि आने वाले समय में भरोसे और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना होगा। उन्होंने बताया कि गूगल एंड्रॉयड, प्ले स्टोर और अपने सभी प्लेटफॉर्म्स को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर काम कर रहा है।
हालांकि उन्होंने भारत में गूगल के खिलाफ चल रहे एंटीट्रस्ट मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन यह जरूर कहा कि कंपनी हर देश में स्थानीय कानूनों का पूरी तरह पालन करती है।
गूगल की तकनीक से होगी ठगों की हार
गूगल की यह नई पहल दिखाती है कि वह भारत में डिजिटल स्पेस को ज्यादा सुरक्षित और ट्रांसपेरेंसी बनाना चाहता है। एआई और जागरूकता अभियानों के जरिए अब यूजर्स को ठगों से सतर्क और सुरक्षित किया जा रहा है।


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