GR Budget 2025 Poll: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. वित्त मंत्री अपने बजट 2025 भाषण में टैक्स सुधारों को लेकर बड़े ऐलान कर सकती हैं. इसका टारगेट लोअर और मिडिल क्लास को लाभ पहुंचाना है. प्रत्याशित परिवर्तनों में 15 लाख से 20 लाख रुपए के बीच की इनकम के लिए एक नया 25% टैक्स ब्रैकेट शामिल है. साथ ही 10 लाख रुपए तक की इनकम को कराधान से छूट देने का प्रस्ताव भी शामिल है. मानक कटौती सीमा में बढ़ोतरी और होम लोन ब्याज दरों पर टैक्स छूट की भी उम्मीद है. साथ ही कैपेक्स को लेकर भी ऐलान संभव है.
केअरएज रेटिंग के चीफ रेटिंग ऑफिसर सचिन गुप्ता बजट में खपत को समर्थन देने, रोजगार सृजन का समर्थन करने और जनसांख्यिकीय क्षमता का दोहन करने के लिए विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने, कृषि अनुसंधान एवं विकास के लिए हाई एलोकेशन के जरिए कृषि पर जोर, किसानों के कल्याण और नीति सुधारों पर फोकस करने की संभावना है. साथ ही पावर और ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर्स में भारत के बुनियादी ढांचे के अंतर को कम करने के लिए कैपेक्स पर जोर जारी रखा और डेट-टू-जीडीपी रेश्यो को कम करने पर ध्यान देने के साथ राजकोषीय अनुशासन पर भी फोकस है.
इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर फोकस
बजट में उपभोग को बढ़ावा देने, विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने और कृषि विकास को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है. निरंतर पूंजीगत व्यय (CAPEX) राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करेगा. बाजार जानकारों का मानना है कि कर दरों को कम करने से डिस्पोजेबल आय में वृद्धि हो सकती है, जिससे खपत में वृद्धि होगी.

गुडरिटर्न्स ने 54 मार्केट एनलिसट्स से बातचीत के आधार पर एक पोल तैयार कय है. इसमें एक्सपर्ट्स लोअर-टू-मिडिल क्लस को टैक्स छूट की सौगात मिलने और नई टैक्स रीजिम को लेकर बंटे नजर आए. यह पोल 10 से 25 जनवरी के बीत किया गया.
नई टैक्स रीजिम के तहत मौजूदा टैक्स रेट्स 3 लाख रुपए तक की इनकम के लिए 0% से लेकर 15 लाख रुपए से ज्यादा इनकम वालों के लिए 30% तक हैं. नई व्यवस्था शुरू करने के बजाय सोर्स पर टैक्टृस कटौती (टीडीएस) को तर्कसंगत बनाने और मौजूदा कर ढांचे के भीतर मुद्दों को संबोधित करने की उम्मीद है. अटकलों के बावजूद, अधिकांश विशेषज्ञ पुरानी कर व्यवस्था के खत्म होने की उम्मीद नहीं करते हैं, हालांकि नई व्यवस्था की ओर रुख करने के साथ इसकी लोकप्रियता कम हो गई है.
कोटक सिक्योरिटीज के एमडी एंड सीईओ श्रीपाल शाह ने आम लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ने के लिए सरकार को टैक्स दरों में कटौती करने की बात कही.
रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें
रियल एस्टेट में, होम लोन ब्याज दरों पर कर छूट सीमा में वृद्धि की उम्मीद है, जो संभवतः 5 लाख रुपये या 7 लाख रुपये तक बढ़ सकती है. किफायती आवास के लिए उच्च आवंटन और घर खरीदारों को समर्थन देने के लिए प्रोत्साहन भी इस क्षेत्र में मांग को बढ़ावा देने की उम्मीद है. प्रस्तावों में मानक कटौती सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करना और वित्त वर्ष 26 के लिए CAPEX लक्ष्य को 10-12% तक बढ़ाना शामिल हो सकता है.
1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2025 की घोषणा वित्त मंत्री सीतारमण की आठवीं बजट पेश करेंगी. इसमें समावेशी विकास, आर्थिक पुनरुद्धार और राजकोषीय स्थिरता पर रणनीतिक ध्यान केंद्रित किया गया है। इन उपायों का उद्देश्य बुनियादी ढांचे में निवेश करना, व्यय की गुणवत्ता में सुधार करना और व्यापक रूप से आर्थिक विकास का समर्थन करना है.
प्रस्तावित एक्स्ट्रा टैक्स स्लैब और 10 लाख रुपए तक की आय पर छूट को मध्यम वर्ग के वेतनभोगी व्यक्तियों के बीच तरलता और खपत को बढ़ावा देने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है. ये बदलाव परचेजिंग पावर को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं. इन सेक्टर्स पर बजट का ध्यान विभिन्न क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देते हुए प्रमुख आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने के प्रयास को दर्शाता है.


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