नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के लाभार्थियों को राशन की होम डिलीवरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। ये सुविधा आम आदमी पार्टी के उन प्रमुख वादों में से एक है, जो इस साल के शुरू में हुए विधानसभा चुनावों किए गए थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक वेबकास्ट पर घोषणा करते हुए कहा कि यह योजना छह से सात महीने के भीतर लागू हो जाएगी। लाभार्थियों के पास उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) से राशन लेने या होम डिलीवरी के बीच कोई एक ऑप्शन चुनने का विकल्प होगा।
कितनी हैं दिल्ली में उचित मूल्य की दुकानें
दिल्ली में लगभग 2,030 उचित मूल्य की दुकानें हैं, जिनसे लगभग 17.54 लाख परिवारों के 71 लाख लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत राशन मिलता है। केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि केंद्र की वन नेशन वन राशन कार्ड की नीति दिल्ली में उसी दिन से लागू की जाएगी, जिस दिन से डिलीवरी की नीति लागू होगी। इस नीति का उद्देश्य किसी भी विशेष राज्य द्वारा जारी किए गए राशन कार्ड को देश भर में वैलिड बनाना है। यानी आप किसी भी राज्य के राशन कार्ड से पूरे देश में कहीं से भी राशन ले सकते हैं।
कैसे मिलेगा घर बैठे राशन
प्रारंभिक योजना से पता चलता है कि डिलीवरी एजेंटों को ई-पीओएस डिवाइस दिए जाएंगे। लाभार्थियों को अपने राशन कार्ड नंबर एजेंट के साथ साझा करना होगा, जिसे डिवाइस में दर्ज किया जाएगा। साथ ही फिंगरप्रिंट स्कैनिंग या आधार कार्ड नंबर दर्ज किया जाएगा। दिल्ली खाद्य विभाग ने लाभार्थियों की कॉन्टैक्ट डिटेल और आधार नंबर को अपडेट करने के लिए उचित मूल्य दुकान मालिकों को पहले ही निर्देशित कर दिया है। ई-पीओएस प्रणाली को पात्र लाभार्थियों को तकनीकी खराबी के कारण अनाज न मिल पाने के कारण अप्रैल 2018 में दिल्ली में निलंबित कर दिया गया था, मगर इसे भी दुकानों पर फिर से बहाल किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना
दिल्ली सरकार की इस योजना को मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना नाम दिया गया है। योजना को शुरू करने पर सीएम केजरीवाल ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में आज लिया गया निर्णय एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना का नाम 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना' होगा। इस योजना के तहत लोगों को राशन लेने के लिए राशन की दुकानों पर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि दिल्ली के लाखों लोगों के घरों तक राशन पहुंचाया जाएगा। एफसीआई के गोदामों से गेहूं उठाया जाएगा और उन्हें आटा बनाने के लिए गेहूं पीसने की दुकानों पर ले जाया जाएगा। आटा, चीनी, चावल और अन्य सामान ठीक से पैक किया जाएगा और वितरित किया जाएगा। अप्रैल में दिल्ली सरकार ने शहर के कंटेनमेंट जोन्स में राशन की डोरस्टेप (घर पर) डिलीवरी शुरू की थी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस योजना को छह से सात महीनों के भीतर लागू किया जाएगा। इस योजना को शुरू करने से पहले सलाहकारों को नियुक्त किया जाएगा।


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