नयी दिल्ली। अगर आप नया मोबाइल खरीदने की सोच रहे हैं तो थोड़ा ठहरें। आपके लिए देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो की तरफ से एक बड़ी खुशखबरी आई है। जियो इसी साल दिसंबर तक या अगले साल की शुरुआत में देश में 10 करोड़ सस्ते एंड्रॉयड फोन मार्केट में उतार सकती है। ये फोन अमेरिका का दिग्गज तकनीक कंपनी गूगल के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर बने होंगे। आइए जानते हैं जियो के इस प्लान के बारे में विस्तार से।
क्या है जियो का प्लान
बिजनेस स्टैंडर्ड ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम इकाई जियो गूगल के एंड्रॉइड प्लेटफ़ॉर्म पर बनाए जाने वाले 10 करोड़ से ज्यादा सस्ते स्मार्टफ़ोन की मैन्युफैक्चरिंग को आउटसोर्स करना चाहती है। ये फोन डेटा पैक के साथ पेश किए जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार इन्हें दिसंबर 2020 या अगले साल की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है। गौरतलबा है कि मार्केट कैपिटल के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस ने जुलाई में कहा था कि अल्फाबेट (गूगल की पैरेंट कंपनी) की गूगल इसकी डिजिटल इकाई में 4.5 अरब डॉलर (लगभग 33,102 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।
चीनी कंपनियों को मिलेगी टक्कर
रिलायंस के मालिक अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी ने जुलाई में कहा था कि गूगल कम लागत वाले "4जी या 5जी" स्मार्टफोन, जिसे रिलायंस डिजाइन करेगी, को बनाने के लिए एक एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) तैयार करेगी। जियो का नया फोन चीनी कंपनियों जैसे कि शिओमी और बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स, जो रियलमी, ओप्पो और वीवो ब्रांडों की मालिक है, के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। इन चीनी कंपनियों और ब्रांड्स का भारतीय स्मार्टफोन सेगमेंट में काफी दबदबा है। बॉलीवुड, क्रिकेट से चलने वाली मार्केटिंग और पावरफुल कैमरों जैसे प्रोडक्ट फीचर्स के एक चालाक मिश्रण के सहारे चीनी कंपनियां देश में प्रत्येक 10 स्मार्टफोन में से लगभग आठ बेचती हैं।
2017 में आया था जियो फोन
रिलायंस ने 2017 में जियो फोन लॉन्च करने के साथ इस सेगमेंट में कदम रखा था। जियो फोन के अब 10 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, जिनमें से कई पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले हैं। हर भारतीय को स्मार्टफोन सौंपने का रिलायंस का प्लान इसकी टेलीकॉम प्रतिद्वंद्वियों वीआई (वोडाफोन आइडिया) और भारती एयरटेल के ग्राहकों को भी अपनी तरफ खींच सकता है। इन कंपनियों के पास अभी भी लाखों-करोड़ों यूजर्स ऐसे हैं जिनके पास पुराने 2जी नेटवर्क स्टाइल के फीचर फोन हैं। बता दें कि रिलायंस ने अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफ़ॉर्म में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया है। इससे कंपनी को 152,000 करोड़ रु मिले हैं, जिसका इस्तेमाल ये आगे कारोबार में करेगी। जियो प्लेटफॉर्म के निवेशकों में फेसबुक, इंटेल और क्वालकॉम सहित कई अन्य वैश्विक वित्तीय और तकनीकी निवेशक शामिल हैं।


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