नयी दिल्ली। भारत के कुछ हिस्सों में हीरे मौजूद हैं। बताया जाता है कि इनमें सबसे बड़े हीरे भंडार मध्य प्रदेश में मौजूद हैं। मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में हीरों की खोज जारी रहती है। इस बीच हीरों के भंडार के मामले में एक बड़ी खबर आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में देश का सबसे बड़ा हीरा भंडार मिला है। अहम बात यह है कि यहां पिछले 20 सालों से हीरे की खोज की जा रही थी। 20 साल की खोज के बाद मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले के बकस्वाहा के जंगलों में सबसे बड़ा हीरा भंडार मिला है। आगे जानिए बाकी डिटेल
कितने हीरे होने की उम्मीद
अभी तक के अनुमान के अनुसार मध्य प्रदेश के जिन जंगलों में हीरों का भंडार मिला है वहां लगभग 3.42 करोड़ कैरेट के हीरे हो सकते हैं। मगर इन हीरों को निकालने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटने होंगे, जो कि पर्यावरण के लिहाज से अच्छी खबर नहीं है। बताते चलें कि अभी तक देश का सबसे बड़ा हीरा भंडार मध्य प्रदेश के ही पन्ना जिले में माना जाता था।
पन्ना और बकस्वाहा में हीरों की तुलना
रिपोर्ट्स के अनुसार पन्ना में कुल 22 लाख कैरेट के हीरे मौजूद थे, जिनमें से 13 लाख कैरेट के हीरे हासिल किए जा चुके हैं। यानी यहां अब 9 लाख कैरेट के हीरे बाकी हैं। इसकी तुलना में बकस्वाहा में पन्ना से 15 गुना ज्यादा हीरे होने संभावना जताई गई है। मगर जंगल में मौजूद पेड़ इस काम में रुकावट हैं। इनमें सागौन केम, पीपल, तेंदू, जामुन, बहेड़ा और अर्जुन जैसे पेड़ शामिल हैं।
20 साल पहले शुरू हुई थी खोज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि करीब 20 साल पहले बंदर डायमंड प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के इन जंगलों का सर्वे हुआ था। राज्य सरकार ने 2 साल पहले इस जंगल की नीलामी की थी, जिससे यह आदित्य बिड़ला समूह की एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के हाथ आया। कंपनी को यह जगह 50 साल के लिए पट्टे पर मिली है। जंगल के करीब 62.64 हेक्टेयर हिस्से में हीरे निकाले जाएंगे।
यहीं बनेंगी खदानें
इन्हीं जंगल में खदान तैयार होंगी। इसके अलावा कंपनी ने खनन और प्रोसेस के दौरान मलबे के लिए अलग से थोड़ी अधिक जमीन मांगी है। इस परियोजना पर कंपनी 2500 करोड़ रु का निवेश करेगी। बता दें कि एस्सेल माइनिंग से पहले आस्ट्रेलिया की एक कंपनी रियोटिंटो ने इस जगह के खनन के लिए आवेदन किया था। मगर सरकार के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव को देखते हुए इस विदेशी कंपनी ने परियोजना पर काम करने से मना कर दिया था।
आस्ट्रेलियाई कंपनी ने किया था सर्वे
2000 से 2005 के बीच बुंदेलखंड क्षेत्र में हीरों की खोज के लिए राज्य सरकार ने आस्ट्रेलियाई कंपनी रियोटिंटो से सर्वे कराया था। सर्वे करने वाली टीम को तब यहां किंबरलाइट पत्थर की चट्टान मिली थी। असल में हीरा किंबरलाइट की चट्टानों में भी पाया जाता है। अब इस प्रोजेक्ट पर आगे काम किया जाएगा।
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