नई दिल्ली, नवंबर 1। मांग बढ़ाने वाले त्योहारी सीजन का आर्थिक असर अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन पर दिखा। सितंबर में 1.17 लाख करोड़ रुपये की तुलना में अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.30 लाख करोड़ रुपये रहा। इसे वित्तीय वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही में आर्थिक सुधार होने का मजबूत संकेत माना जा रहा है। अक्टूबर जीएसटी कलेक्शन चालू वित्तीय वर्ष के लिए दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन रहा। यह 2017 में जीएसटी सिस्टम लागू होने के बाद से भी दूसरा सबसे अधिक मासिक कलेक्शन रहा। इससे पहले अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।

कितना पहुंचा टोटल कलेक्शन
जीएसटी के अक्टूबर आंकड़ों के साथ साल के लिए कुल सकल जीएसटी संग्रह 8.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष में जून को छोड़ कर हर महीने में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रु से अधिक रहा है। जून में जीएसटी कलेक्शन 92,849 करोड़ रुपये रहा था। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह काफी हद तक आर्थिक सुधार की प्रवृत्ति के अनुरूप है। यह कोरोना की दूसरी लहर के बाद से हर महीने जनरेट होने वाले ई-वे बिलों की प्रवृत्ति से भी स्पष्ट है।
जानिए पूरे आंकड़े
मासिक जीएसटी कलेक्शन में से अक्टूबर में केंद्रीय जीएसटी 23,861 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 30,421 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 67,361 करोड़ रुपये और सेस 8,484 करोड़ रुपये रहा। सरकार को विश्वास है कि साल के लिए नेट टैक्स रेवेन्यू (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर) 15.45 लाख करोड़ रुपये के बजटीय लक्ष्य को पार कर जाएगा। हालांकि, जैसे ही बजट की तैयारी शुरू होती है, अधिक खर्च भी चिंता का विषय बना रहता है।
कितनी हुई जीएसटी कलेक्शन में बढ़त
अक्टूबर महीने के लिए जीएसटी राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक रहा। 2019-20 की महामारी के पूर्व स्तर से यह 36 प्रतिशत अधिक रहा।


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