नई दिल्ली, मार्च 30। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। दरअसल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। ये सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इससे उनकी सैलेरी में इजाफा होगा। इस हालिया वृद्धि के साथ, डीए उनकी बेसिक सैलेरी का 34 फीसदी होगा। इस कदम से 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
कैसे होती है गणना
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) की गणना श्रम ब्यूरो, श्रम और रोजगारमंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआईआईडब्ल्यू) के अनुसार मुद्रास्फीति की दर के आधार पर की जाती है। 2021 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए औसत खुदरा मुद्रास्फीति दर 5.01 प्रतिशत थी, लेकिन इस साल फरवरी में यह बढ़ कर 6.07 प्रतिशत हो गई।
बढ़ गयी महंगाई
दरअसल, खुदरा मुद्रास्फीति, या उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति, इस वर्ष दो सीधे महीनों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के लक्ष्य 2-6 प्रतिशत की ऊपरी सीमा से ऊपर बनी हुई है। इस मुद्रास्फीति के आंकड़ों में अभी तक रूस-यूक्रेन युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल शामिल नहीं है, जिसके लिए अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इससे कीमतों का दबाव और भी बढ़ जाएगा।
महंगाई भत्ते की अतिरिक्त किस्त
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1.7.2021 के प्रभाव से महंगाई भत्ते की अतिरिक्त किस्त और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (डीआर) की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने को मंजूरी दी थी। ये मूल वेतन/पेंशन के 28% की मौजूदा दर से 3% की वृद्धि कीमतों में बढ़ोतरी के लिए थी।
कितना पड़ेगा सरकार पर बोझ
यह वृद्धि स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार थी, जो सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दोनों के कारण राजकोष पर संयुक्त प्रभाव 9,488.70 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगा। इससे लगभग 47.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। कैबिनेट अधिसूचना में कहा गया है कि "मूल वेतन" शब्द का अर्थ सातवें वेतन आयोग मैट्रिक्स के अनुसार प्राप्त वेतन है और इसमें विशेष वेतन जैसे किसी अन्य प्रकार का वेतन शामिल नहीं है।
साल में दो बार बढ़ोतरी
सरकार हर साल दो बार डीए और डीआर को संशोधित करती है। ये संशोधन जनवरी और जुलाई में होता। हालाँकि, ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इस आधार पर अलग होती हैं कि वे कहाँ हैं, यानी शहरी क्षेत्र, अर्ध-शहरी क्षेत्र या ग्रामीण क्षेत्र।
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