सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, नहीं घटीं जनरल प्रोविडेंट फंड की ब्याज दरें

नई दिल्ली, अक्टूबर 5। केंद्र सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2021 तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) और इसी तरह के अन्य फंड्स के लिए ब्याज दरों की घोषणा की है। जीपीएफ और इसी तरह के अन्य फंड सब्सक्राइबर, जो केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, उन्हें चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत रिटर्न मिलता रहेगा। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही के लिए जीपीएफ ब्याज दर को 7.1 फीसदी पर ही अपरिवर्तित रखा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछली तिमाही में भी जीपीएफ की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया था। इस मामल में वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग ने नोटिफिकेशन जारी की है।

कुल 10 फंड की ब्याज दरें

कुल 10 फंड की ब्याज दरें

सरकार की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में 10 फंड्स की ब्याज दरें हैं। इनमें द जनरल प्रोविडेंट फंड (सेंट्रल सर्विसेज), द कॉन्ट्रिब्यूरी प्रोविडेंट फंड (इंडिया), द ऑल इंडिया सर्विसेज प्रोविडेंट फंड, द स्टेट रेलवे प्रोविडेंट फंड, द जनरल प्रोविडेंट फंड (डिफेंस सर्विसेज), द इंडियन ऑर्डनेंस डिपार्टमेंट प्रोविडेंट फंड, द इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज वर्कमेंस प्रोविडेंट फंड, द इंडियन नेवल डॉकयार्ड वर्कमेंस प्रोविडेंट फंड, द डिफेंस सर्विसेज ऑफिसर्स प्रोविडेंट फंड और द आर्म्ड फोर्सेज पर्सनल प्रोविडेंट फंड शामिल हैं।

क्या होता है ईपीएफ

क्या होता है ईपीएफ

ईपीएफ से आप जरूर वाकिफ होंगे। ये एक अनिवार्य रिटायरमेंट बचत ऑप्शन है, जो संगठित क्षेत्र के सैलेरी वाले लोगों के लिए उपलब्ध है। इसमें कर्मचारी और एम्प्लोयर दोनों योगदान करते हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर 8.5% है। सरकार ने अभी तक वित्त वर्ष 2021-22 के लिए दर की घोषणा नहीं की है। मगर जीपीएफ ईपीएफ से अलग होता है।

क्या होता है जीपीएफ

क्या होता है जीपीएफ

दूसरी ओर जीपीएफ खाता एक ऐसा प्रोविडेंट फंड खाता है, जो केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। इसमें सरकारी कर्मचारी अपने वेतन का एक निश्चित प्रतिशत हिस्से का योगदान कर सकते हैं। इस तरह नौकरी अवधि के दौरान जमा की गई कुल राशि का भुगतान कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय किया जाता है।

छोटी बचत जमाएं

छोटी बचत जमाएं

पिछले हफ्ते ही सरकार ने घोषणा की थी कि दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं (पोस्ट ऑफिस योजनाएं) की ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। इसका मतलब यह है कि 31 दिसंबर, 2021 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) जैसी छोटी बचत योजनाओं में निवेशकों उसी ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा, जो सितंबर तिमाही के लिए मिल रहा है।

पोस्ट ऑफिस योजनाओं की ब्याज दरें

पोस्ट ऑफिस योजनाओं की ब्याज दरें

पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में बचत खाता : 4 फीसदी, 1 वर्षीय टाइम डिपॉजिट : 5.5 फीसदी, 2 वर्षीय टाइम डिपॉजिट : 5.5 फीसदी, 3 वर्षीय टाइम डिपॉजिट : 5.5 फीसदी, 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट : 6.7 फीसदी, 5 वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट : 5.8 फीसदी, 5 वर्षीय सीनियर सिटीजेन सेविंग्स स्कीम : 7.4 फीसदी, 5 वर्षीय मासिक आय खाता : 6.6 फीसदी, 5 वर्षीय नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट : 6.8 फीसदी, पीपीएफ : 7.1 फीसदी, किसान विकास पत्र : 6.9 फीसदी (124 महीनों में मैच्योर) और सुकन्या समृद्धि योजना : 7.6 फीसदी ब्याज दर दिलाएगी।

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