नयी दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही बहुत सारे सेक्टरों में लोग बेरोजगार होने लगे थे। जैसे-जैसे लॉकडाउन आगे बढ़ा बेरोजगारों की संख्या भी बढ़ती चली गई। भारत में बेरोजगारी दर भी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। मगर अब लॉकडाउन में धीरे-धीरे मिल रही ढील के चलते फिर से काम करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कोरोना संकट से उबरने के संकेतों में कुछ क्षेत्रों में हायरिंग में बढ़ोतरी हो रही है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में पिछले कुछ महीनों के मुकाबले हायरिंग में तेजी देखने को मिली है। आइये जानत हैं किन सेक्टरों में बढ़ रहे हैं रोजगार के मौके।
इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार रोजगार में बढ़ोतरी का डेटा कच्चा है। लेकिन एडुटेक, ई-कॉमर्स, डेटा प्रोसेसिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, बैंकिंग, एफएमसीजी, हेल्थकेयर, इंश्योरेंस, डिजिटल एक्सपर्ट्स, फिनटेक और फार्मा जैसे सेक्टर में हायरिंग में बढ़ोतरी देखी गई है। लॉकडाउन के दौरान कोरोना संकट से पहले के स्तरों की तुलना में कुछ फर्मों की भर्ती की मात्रा लगभग 80 फीसदी घट गई थी। चुनिंदा सेक्टरों में हायरिंग में बढ़ोतरी रही है और ये गति जारी रहेगी। मगर जानकार कहते हैं कि पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कोई बड़ी प्रगति देखने की संभावना नहीं है।
कोरोना संकट के पहले जैसे होंगे हालात
एक फर्म के अधिकारी कहते हैं कि जून के अंत तक कुछ सेक्टर के लिए भर्ती स्थिर होनी चाहिए और कोरोना संकट से पहले के स्तरों तक पहुंचनी चाहिए। विमानन, पर्यटन और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों को अपने पुराने स्तरों पर वापस आने में समय लगेगा। हालांकि कुछ हद तक विनिर्माण और दूरसंचार के कुछ हिस्सों में बढ़ोतरी दिखने की उम्मीद है। जिन प्रोफाइल पर अधिक बढ़ोतरी हो रही है उनमें हेल्थकेयर में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स, फ़ेलेबोलॉजिस्ट, एफएमसीजी में उत्पादन, बिक्री और लॉजिस्टिक्ट, ई-कॉमर्स में गोदाम अधिकारी और वितरण एजेंट, हाउसकीपिंग स्टाफ में सुविधा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा प्रोफेश्नल शामिल हैं।
सामान्य स्तर से कम हो रही हायरिंग
हालांकि जानकार कहते हैं कि अभी भी काफी कम और जरूरत के अनुसार हायरिंग की जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक एक आइडियल लेवल के मुकाबले ये केवल 30 फीसदी से भी कम है। कंपनियां नए लोगों को नौकरी पर रखने को लेकर बहुत सतर्क हैं। ध्यान रखना चाहिए कि कारोबार अभी पूरी तरह से चालू नहीं हुए हैं। इसीलिए कंपनियां सतर्कता बरत रही हैं। दूसरी ओर सभी सर्विसेज अब 'कॉन्टैक्टलेस' बनने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और इस बीच फिनटेक और डिजिटल में अच्छे मौके हैं। कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम से काफी सहूलियत मिली है, जिससे हालात सामान्य हो सकते हैं। और मौजूदा हायरिंग लेवल में बढ़ोतरी इसी का संकेत है।


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