नयी दिल्ली। 11 मार्च से विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों द्वारा देश भर में बुलाई तीन दिवसीय प्रस्तावित बैंक हड़ताल रद्द हो गयी है। शनिवार को मुंबई में आयोजित द्विदलीय बैठक में 'सकारात्मक' घटनाक्रम के बाद इस हड़ताल को टाल दिया गया है। इस बात की जानकारी अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ या एआईबीईए ने एक बयान में कही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) साथी समूहों ने हड़ताल का आह्वान किया था। यूएफबीयू बैंकिंग क्षेत्र में ट्रेड यूनियनों की मुख्य संस्था है। एआईबीईए के बयान में कहा गया है कि यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के बीच हुई द्विदलीय बैठक में वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि की पेशकश के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही 5 कार्यकारी दिनों पर भी बातचीत हुई।

सभी मुद्दों पर होगी बातचीत
बयान में कहा गया है कि आईबीए यूनियनों द्वारा उठाए गए अन्य सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सहमत हो गया है। बैंक यूनियनों ने मार्च में 11 से 13 मार्च तीन की हड़ताल की घोषणा की थी। इससे पहले बैंक यूनियनों ने 31 जनवरी से दो दिवसीय हड़ताल की थी। बैंक यूनियनों ने यह भी कहा था कि अगर उनकी मांग पर मार्च तक कोई फैसला नहीं लिया गया तो वे 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। मगर मार्च में घोषित हड़ताल के रद्द होने से मामला सही दिशा में जाता दिख रहा है।
क्या हैं बैंक यूनियनों की मांगें
बैंक यूनियनों की जो मांगे हैं उनमें हफ्ते में 5 दिन काम, बेसिक पे में स्पेशल भत्ते जोड़ा जाना, एनपीएस को खत्म किया जाना, परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार, स्टाफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटा जाना, रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर किया जाना और कॉन्ट्रेक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन किया जाना जैसी मांगे शामिल हैं।
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