Gold Price Today: सोने की कीमतों में पिछले कई दिनों से उचार-चढ़ाव जारी है। आज सोमवार को फिर से सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 4 मई को सुबह के सौदों में MCX पर सोने की कीमतें गिर गईं। इसकी वजह अमेरिकी डॉलर में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने के कारण महंगाई बढ़ने की लगातार बनी चिंताएं थीं।

भारत में सोने की कीमत (Gold Rate Today)
घरेलू सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। भारत में आज 24 कैरेट सोने का भाव 15,093 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 13,835 रुपये प्रति ग्राम है। जबकि 18 कैरेट सोने का भाव 11,320 रुपये प्रति ग्राम है।
24 कैरेट सोने का भाव
आज 24 कैरेट सोने का भाव 15,093 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,930 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
22 कैरेट सोने का रेट
22 कैरेट सोने का भाव 13,835 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,38,350 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
MCX पर सोने का रेट (MCX Gold Rate)
MCX गोल्ड जून वायदा 0.23% गिरकर 1,51,005 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX सिल्वर जुलाई वायदा सुबह करीब 9:10 बजे 0.15% गिरकर 2,50,549 रुपये प्रति किलोग्राम पर था।
निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अगले कदम का आकलन कर रहे हैं। वहीं, ईरान ने एक संशोधित शांति प्रस्ताव भेजा है। अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोने की कीमतें फिलहाल 12% नीचे हैं। इसी बीच, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों से पता चला है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने पहली तिमाही में अपने सोने के भंडार में बढ़ोतरी की है।
दूसरी ओर, सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रहा। US WTI क्रूड ऑयल वायदा 101 के ऊपर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.5% की गिरावट देखी गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब रहा, जिसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई। इस बीच, पिछले हफ्ते शुक्रवार को 1% की गिरावट के बाद, US डॉलर 98 के स्तर से ऊपर मजबूत बना रहा।
मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर, नए आंकड़ों से पता चला कि पहली तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सालाना आधार पर 2% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी 2025 के आखिर में सरकारी कामकाज ठप होने के कारण आई मंदी से उबरने का संकेत है। उपभोक्ता खर्च में 1.6% की वृद्धि हुई, जिसे सेवाओं की लगातार बनी हुई मांग से बल मिला; वहीं, श्रम बाजार से जुड़े अलग आंकड़ों से संकेत मिला कि बेरोज़गारी भत्ते के लिए किए जाने वाले दावों की संख्या कई दशकों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के उस हालिया फैसले के बाद जारी किए गए, जिसमें उसने ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया था। हालांकि, 'ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स' के अनुसार, नीति निर्माताओं ने इस बात को स्वीकार किया कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण बनी आर्थिक अनिश्चितता के चलते उनके बीच आंतरिक मतभेद बढ़ रहे हैं।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


Click it and Unblock the Notifications