Aaj Ka Sone Ka Bhav Bangalore: बेंगलुरू में लगातार तीसरे दिन सोने की कीमत में उछाल देखने को मिल रहा है। बीते तीन दिनों से इसी तरह तेजी बनी हुई है। सोने में निवेश करने वाले हमेशा सोने के दाम कम होने का इंतजार किया करते हैं लेकिन इन दिनों उछाल बना हुआ है। गोल्ड इस समय अपने ऑलटाइम हाई से नीचे कारोबार कर रहा है।

बेंगलुरु में 24 कैरट सोने का भाव 99710 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं एक दिन पहले गोल्ड 99000 रुपए 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
आज 22 कैरट सोने के भाव में उछाल देखने को मिल रहा है। बेंगलुरु में 22 कैरट सोने के दाम 91400 रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं एक दिन पहले 90750 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
18 कैरट सोने के दाम में तेजी दर्ज की जा रही है। आज बेंगलुरु में 18 कैरट सोने के भाव 74790 रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं एक दिन पहले 74250 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
भारत के कई बड़े शहरों में 24K प्रति 10 ग्राम और 22K प्रति 10 ग्राम सोने का दाम (Sone Ka Bhav)
मुंबई में आज 24 कैरेट सोने का दाम 99710 रुपए प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट सोने का भाव 91400 रुपए प्रति 10 ग्राम है।
जयपुर में आज 24 कैरेट सोने का दाम 99860 रुपए प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट सोने का भाव 91550 रुपए प्रति 10 ग्राम है।
लखनऊ में आज 24 कैरेट सोने का दाम 99860 रुपए प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट सोने का भाव 91550 रुपए प्रति 10 ग्राम है।
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव 99860 रुपए प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट सोने का दाम 91550 रुपए प्रति 10 ग्राम है।
कोलकाता में आज 24 कैरेट सोने का दाम 99710 रुपए प्रति 10 ग्राम है और 22 कैरेट सोने का भाव 91400 रुपए प्रति 10 ग्राम है।
सोने की कीमतों पर एक्सपर्ट की राय
निर्मल बांग की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह रही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई ट्रेड पॉलिसी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर जारी असमंजस। ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव लगभग $3,320 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो बुधवार की तुलना में 0.4% अधिक है।
ट्रंप ने ब्राज़ील समेत कई देशों के खिलाफ नए टैरिफ नोटिस जारी किए हैं। इससे दुनियाभर के निवेशकों के बीच अस्थिरता का माहौल बन गया है और वे अब सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसमें सोना सबसे आगे है।
हालांकि इस बार वैश्विक बाजारों में पहले जैसी घबराहट नहीं दिखी है, जैसा अप्रैल में हुआ था जब 'रिसीप्रोकल टैरिफ' की घोषणा की गई थी। इसकी एक वजह यह भी है कि नई डेडलाइन अब 1 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, जिससे बाजार को थोड़ा वक्त मिला है।
बुधवार को जारी फेडरल रिजर्व की मीटिंग मिनट्स में यह साफ दिखा कि नीति-निर्माताओं के बीच ब्याज दरों को लेकर मतभेद उभर रहे हैं। कुछ अधिकारी मानते हैं कि टैरिफ का असर महंगाई पर पड़ेगा, जबकि बाकी इससे सहमत नहीं हैं।
इसी अनिश्चितता और जोखिम के माहौल में सोने को सेफ संपत्ति मानते हुए निवेशक इसमें भरोसा जता रहे हैं। बीते कुछ दिनों में सोना करीब 2% तक मजबूत हो चुका है और आने वाले समय में भी इसकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।


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