नयी दिल्ली। स्वर्ण भंडार या गोल्ड रिजर्व किसी भी देश के केंद्रीय बैंक के मौजूद सोन के भंडार को कहते हैं। किसी भी देश के पास अधिक सोना उसकी मजबूत आर्थिक स्थिति की जानकारी भी देता है। असल में संकट के समय भी देश का सोना काम आता है। ऐसी ही एक घटना भारत के साथ घट चुकी है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर नवंबर 1990 से जून 1991 तक 7 महीनों के लिए देश के प्रधानमंत्री रहे थे। मगर उनके इस छोटे से कार्यकाल में देश की आर्थिक हालत बेहद नाजुक थी। उस समय रिजर्व बैंक ने देश का 47 टन सोना गिरवी रखा था और कर्ज लिया था। वहीं पिछले कुछ समय में सोने के भंडार के मामले में भारत की स्थिति में काफी सुधार हुआ। सितंबर के पहले हफ्ते में ही भारत स्वर्ण भंडार वाले शीर्ष देशों की सूची में पहुँच गया था। आइये जानते हैं और कौन कौन है शामिल है इस सूची में।

अमेरिका के पास है सर्वाधिक सोना
सबसे अधिक स्वर्ण भंडार वाले देशों की सूची में अमेरिका पहले पायदान पर है। अमेरिका के पास कुल 8,133.5 टन सोना है, जो भारत से 13 गुना ज्यादा है। 618.2 टन सोने के भंडार के साथ भारत इस सूची में नवें नंबर पर है। वहीं अमेरिका के बाद सूची में दूसरे नंबर पर जर्मनी है, जिसके पास 3,367.95 टन सोना है। तीसरे नंबर पर यूरोप का ही एक और देश इटली है। इटली के पास 2451.85 टन सोना है। चौथे नंबर पर 2436.06 टन सोने के साथ फ्रांस और पांचवे नंबर पर रूस है। क्षेत्रफल के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े देश रूस के पास 2207.01 टन सोना है।
चीन भी प्रमुख 10 देशों में शामिल
आर्थिक लिहाज से मजबूत चीन भी सोने के भंडार के मामले में शीर्ष 10 देशों में शामिल है। 1916.29 टन सोने के साथ चीन छठे नंबर पर है। दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में गिना जाने वाला स्विटजरलैंड 1040.01 टन सोने के साथ इस सूची में सातवें पायदान पर है, जबकि आठवें पायदान पर जापान है, जिसके पास कुल 765.22 टन सोना है। नवें नंबर पर भारत और दसवें पायदान पर है नीदरलैंड, जिसके पास 612.5 टन सोना है। वहीं आर्थिक रूप से बेहद कमजोर पाकिस्तान इस सूची में 45वें स्थान पर बना हुआ है। पाकिस्तान के पास सिर्फ 64.6 टन का कुल स्वर्ण भंडार है।
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