GR Exclusive: सोने की कीमतों में रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिल रही है. 2025 में अब तक 10 ग्राम सोने का रेट करीब 24% तक बढ़ चुका है. ग्लोबल ब्रोकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कॉमैक्स पर सोने के लिए बुल केस में 4500 डॉलर तक का टारगेट दिया है. यानी भारत में 10 ग्राम सोने का भाव सवा लाख रुपए तक पहुंच सकता है. टैरिफ, ETF इनफ्लो समेत रेट कट जैसे फैक्टर्स से कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है. हालांकि, केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया इससे सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सोने में पिछले 4 सालों से रैली देखने को मिल रही. ऐसे में एक करेक्शन बाकी है. निवेशकों को फिलहाल हम इंतजार करने करने की सलाह देंगे. सोने की बजाय चांदी ज्यादा पसंद है.
सवाल-1: सोने की तेजी को सपोर्ट करने वाले कौन-कौन से फैक्टर्स हैं?
जवाब-1: ग्लोबल मार्केट में किसी भी तरह की अनिश्चितता होने की स्थिति में सोना सबसे पहले रिएक्ट करता है. इस साल जनवरी से अब तक सोने की चाल देख सकते हैं, जोकि अच्छी रैली दिखा चुका है. विदेशी बाजारों में 3200 डॉलर प्रति ऑन्स पर पहुंच गया है. घरेलू बाजार में MCX पर सोने का भाव 95000 रुपए प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है. लेकिन इसकी वजह केवल ट्रंप की ओर से शुरू होने टैरिफ वॉर ही नहीं है. अगर बीते 4 साल का आंकड़ा देखेंगे तो सोने का रेट दोगुना बढ़ चुका है. यह 2022 के बाद से अब तक डबल हो गया है. इसके लिए 5-7 बड़े कारण हैं. हमने देखा कि कोविड के बाद से इकोनॉमिक स्लोडाउन रहा. 2022 में रूस और यूक्रेन की बीच युद्द शुरू हो गया. सेंट्रल बैंक भी लगातार खरीदारी कर रहे हैं. 2023 से ETF के अंदर खरीदारी बढ़ते हुए देखने को मिल रहा. फिर डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाया और सोने में तेजी जारी है.
सवाल-2: सोने में 2025 में अब तक 23-25% की तेजी दर्ज की जा चुकी है, क्या इसकी वजह केवल मैक्रो फैक्टर्स ही हैं या फिर टेक्निकल सपोर्ट भी मिल रहा?
जवाब-2: देखिए टेक्निकल केवल रास्ता दिखाता है. फंडामेंटल ओवरऑल बताता है. टेक्निकल लिहाज से देखें तो पिछले साल से राउंडिंग बॉटम बना हुआ था, जोकि यह दिखा रहा था कि 3100 डॉलर तक का लेवल छू सकता है. हमें भी अनुमान था कि 3000-3100 डॉलर तक जा सकता है. लेकिन इसके ऊपर जो भाव चल रहा है ये अब और फंडामेंटल तेजी की ओर दर्शा रहा. इसे देखते हुए अब थोड़ा सा डर भी लगने लग गया है. क्योंकि मंथली चार्ट के ऊपर RSI ओवरबॉट बन चुका है. साथ ही अब लग रहा है कि जो रैली आई है (2600 से 3300 डॉलर तक) तो हो सकता है टेक्निकल करेक्शन आ सकता है.
सवाल-3: MCX पर सोने का रेट 95000 रुपए पर पहुंच गया है, क्या शॉर्ट टर्म में करेक्शन देखने को मिल सकता है?
जवाब-3: मौजूदा समय में कीमतों को मंथली चार्ट, डेल चार्ट पर भी RSI देखें तो 72 है, इंटरनेशनल मार्केट में 84 के करीब पहुंच चुका है. यह दर्शाता है कि मार्केट काफी ज्यादा ओवरबॉट है. यहां पर नई तेजी के लिए निवेशकों को बचना चाहिए. जैसे ही फैक्टर्स सपोर्ट करेंगे एक करेक्शन बकाया है. इससे पहले मार्च भी ऐसा देखने को मिला था जब इंटरनेशनल मार्केट में सोने का भाव गिरकर 3000 डॉलर तक आ गया था. ऐसे एक करेक्शन देखने को मिल सकता है.
सवाल-4: सोने में लंबी अवधि के लिहाज से क्या स्ट्रैटेजी बनानी चाहिए?
जवाब-4: जियो-पॉलिटिकल टेंशन, टैरिफ, इक्विटी मार्केट में गिरावट और ETF में खरीदारी जैसे फैक्टर्स से सोने में जोश है. ये सब आगे भी चलता ही रहेगा. इस लिहाज से हमें लग रहा है कि 2025 काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला साल रहेगा. जहां पर मुझे लगता है 3500-3550 डॉलर हायर साइड में और नीचे में 2400 डॉलर तक सोने का रेट फिसल सकता है. लेकिन 2400-2500 डॉलर के लेवल पर सोने का भाव ज्यादा देर तक टिकेगा नहीं. हालांकि, अगर 1 या 2 साल का नजरिया लेकर चलते हैं तो सोना कमाई करा सकता है. इस साल केे आखिर तक 98000-98500 रुपए प्रति 10 ग्राम तक का लेवल घरेलू बाजार में छू सकता है.लेकिन उससे पहले एक बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है.

सवाल-5: तो क्या यही मौका सही है सोने में खरीदारी के लिए या फिर इंतजार करें?
जवाब-5: देखिए सोना खरीदना तो हमेशा सही होता है. लेकिन पिछले एक साल या फिर इस साल जनवरी से अब तक जो 22-23% की तेजी आई है उसकी वजह से अभी संभलना चाहिए. हालांकि, अगर मौजूदा प्राइस पर रिटर्न के नजरिए से खरीदेंगे तो थोड़ा कम रहेगा या फिर भाव के बराबर रहेगा. इसलिए वेट करिए. हां, अगर घर में शादी है तो बिल्कुल मत इंतजार कीजिए थोड़ा लेकर रखिए. रिटर्न के लिहाज से थोड़ा वेट करिए.
सवाल-6: ऊंची कीमतों को देखते हुए रिटेल निवेशकों के लिए क्या सलाह देंगे?
जवाब-6: छोटे निवेशकों के लिए एक बढ़िया ऑप्शन SIP का है, जोकि पिछले 10-12 साल से चल रही है, जहां पर हम वैल्यू एवरेजिंग की बात करते हैं. इक्विटी में तो सब इस चीज को देखते हैं लेकिन कमोडिटी में यह हमारे रिचुअल में बना हुआ है. अक्षय तृतीया और धनतेरस पर हमें सोना लेना ही है. छोटे निवेशकों को घबराना नहीं है. सोने में ऐसी तेजी मंदी चलती रहेगी. अगर आप हर महीने ETF के जरिए सिस्टमैटिक मैनर में खरीदारी कर सकते हैं. लॉन्ग टर्म के लिए सोने में बुलरन देखने को ही मिलेगा. अगर करेक्शन आता है तो इसमें SIP का बढ़िया मौका है.
सवाल-7: 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया भी है, निवेश को लेकर क्या सलाह रहेगी?
जवाब-7: अक्षय तृतीया पर शुभ के लिए सोना खरीदने की सलाह है, लेकिन रिटर्न के लिए चांदी लीजिए. क्योंकि पिछले 4 साल में सोने में तगड़ा रिटर्न मिला है. ऐसे में शुभ के लिए सोना लीजिए. गोल्ड-सिल्वर रेश्यो की बात करें तो पिछले 50 सालों में कभी भी ये 100 के ऊपर नहीं गया है. सोने के भाव को अगर चांदी के भाव से डिवाइड करते हैं तो एक रेश्यो निकलकर आता है, जो बताता कि सोना महंगा है या चांदी. इस वक्त यह रेश्यो 101 के करीब ट्रेड कर रहा है. पिछले 50 साल में कोविड के समय में 126 तक गया था और फिर फिर 101 के पास पहुंच गया है. हमें लगता है कि लंबे समय के लिए चांदी को पसंद करिए. क्योंकि ये करीब 30-35% का रिटर्न देने की ताकत रखती है. इंडस्ट्रियल डिमांड कमजोर है, जिसकी वजह से 2-3 महीने में कमजोर हो सकती है, लेकिन जैसे ही ये सेटल होगा चांदी ज्यादा बेहतर रिटर्न देते हुए दिखाई देगी.
सवाल-8: मंदी को लेकर बात हो रही, इस ट्रिगर को देखते हुए सोने और चांदी के लिए 2025 में क्या टारगेट देख रहे हैं?
जवाब-8: 7 से 10 दिन पहले एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने कहा था कि गोल्ड 50000 तक फिसल जाएगा. लेकिन मेरा नजरिया ये है कि कॉमैक्स पर सोने का भाव 4500 डॉलर तक पहुंचने में 3 साल लग जाएंगे. मौजूदा लेवल पर निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए. मेरा नजरिया ये है कि 2025 में काफी उतार-चढ़ाव रहेगा. कॉमैक्स के लिए बात करें तो ऊपर में 3500-3600 डॉलर तक सोना जा सकता है. जबकि नीचे में 2350 डॉलर तक फिसल सकता है. इसी को MCX के लिहाज से देखें तो 1 लाख का लेवल नहीं करुंगा. हां, 98000-98500 रुपए का लेवल हायर साइड में देखने को मिल सकता है, जबकि नीचे में 70000-72000 की रेंज में फिसल सकता है. हालांकि, यहां पर शॉर्ट की सलाह बिल्कुल नहीं है. थोड़ा से इंतजार करके खरीदारी करें. क्योंकि यह अच्छे भाव पर मिलेगा.


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