19 अप्रैल को सोने की खरीदारी के बड़े त्योहार के मौके पर भारतीय ज्वेलरी स्टोर्स का रुख कर रहे हैं। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर होने के बावजूद देशभर में इसकी जबरदस्त डिमांड देखी जा रही है। खरीदार अब EMI स्कीम और डिजिटल गोल्ड जैसे स्मार्ट विकल्पों को चुन रहे हैं, ताकि आसमान छूती कीमतों का बोझ कम किया जा सके।
बुलियन बॉडीज के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस बार बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। ग्राहकों को लुभाने के लिए ज्वेलर्स गहनों के मेकिंग चार्ज पर भारी डिस्काउंट दे रहे हैं। वहीं, बैंक और UPI प्लेटफॉर्म्स डिजिटल गोल्ड की खरीद पर कैशबैक ऑफर कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि त्योहारों के दौरान अब लोग निवेश के आसान और नए तरीकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

सोने के दाम और डिजिटल ऑफर्स: एक तुलना
देश के अलग-अलग महानगरों में 24K और 22K सोने की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है। लोकल टैक्स और लॉजिस्टिक्स खर्च की वजह से चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों में दाम अलग-अलग हैं। खरीदारी करते समय ग्राहकों को गहनों पर अनिवार्य HUID मार्क जरूर चेक करना चाहिए। यह सोने की शुद्धता और सुरक्षा की गारंटी देता है।
| शहर | 22K सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) | 24K सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| मुंबई | Rs 68,550 | Rs 74,780 |
| चेन्नई | Rs 69,250 | Rs 75,540 |
| दिल्ली | Rs 68,700 | Rs 74,930 |
आज के युवा निवेशक शोरूम जाने के बजाय डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए महज एक रुपये से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है। साथ ही, इनमें इंस्टेंट कैशबैक और जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकालने (लिक्विडिटी) की सुविधा भी मिलती है। इस सीजन में ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने के लिए ज्वेलर्स अब फिनटेक कंपनियों के साथ हाथ मिला रहे हैं।
खरीदारी की रणनीति और फेस्टिव डिमांड
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सोना निवेश के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। खरीदार कीमतों में आई अस्थायी तेजी के बजाय लॉन्ग-टर्म वैल्यू को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। पारंपरिक आस्था और डिजिटल ऑफर्स के मेल ने बाजार में रौनक बरकरार रखी है। सोने की यह डिमांड भारतीयों के इसके प्रति गहरे सांस्कृतिक लगाव को दर्शाती है।


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