Gold Price: टेंशन ना लीजिए, सस्ता होने वाला है सोने का भाव, इन फैक्टर्स से ₹91000 तक फिसलेगा रेट!

Gold Price: सोने की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही. 10 ग्राम का भाव 1 लाख रुपए के पार निकल गया है. सराफा बाजार में ही नहीं वायदा बाजार में भी सोने का भाव 1 लाख रुपए के करीब पहुंच गया है. सोने में जारी तेजी पर जल्द ही ब्रेक लगने वाला है. ऊपरी स्तरों से कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है. प्रॉफिटबुकिंग के चलते सोने का रेट 91000 रुपए तक फिसल सकता है.

सोने की कीमतों में रिकॉर्ड रैली

सराफा बाजार में 1 लाख रुपए तक का लेवल टच करने के बाद वायदा बाजार में भी सोने का भाव 1 लाख रुपए से थोड़ी दूर है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर जून वायदा 22 अप्रैल को कारोबारी सेशन में 99358 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा. 2025 में अब तक कीमतों में 30% से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है.

2025 में सोने का धांसू रिटर्न

डॉलर के टर्म में देखें तो सोने के लिए 2025 का साल अब तक बेस्ट साबित हुआ है. 1980 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह साल सबसे धमाकेदार रहा है, जिसमें करीब 33% तक की तेजी दिखा चुका है. 2007 में सोने का भाव 31 फीसदी उछला था. 2010 में भी सोने की कीमत में 29 फीसदी और 2024 में 27 फीसदी का दमदार रिटर्न दिया है. बता दें कि 5 मई 2006 को 10 ग्राम सोने का रेट 10000 रुपए था.

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क्यों भाग रहा सोने का रेट?

केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने कहा कि सोने की कीमतों में यह तेजी कई ग्लोबल डेवलपमेंट की वजह है. इसमें बढ़ता डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बढ़ते टैरिफ टेंशन की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका है. इसके चलते हेज के तौर पर गोल्ड की मांग बढ़ रही. इसी दौरान डॉलर इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही, जोकि 98 के नीचे फिसल गया. जियो-पॉलिटिकल टेंशन भी बरकरार है, जिसमें रूस और यूक्रेन वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट टेंशन शामिल है. इन फैक्टर्स की वजह से गोल्ड सेफ हेवेन स्टेटस बरकरार है. उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक भी सोने में खरीदारी कर रहे. ETF इनफ्लो बरकरार है. इसके अलावा निवेशक इक्विटी मार्केट में गिरावट की वजह से गोल्ड की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी रिसर्च के सीनियर एनलिस्ट मानव मोदी कहते हैं कि सभी एसेट क्लास में गोल्ड ने सबको सरप्राइज किया है. इस साल में सोने में ज्यादा स्पीड और उतार-चढ़ाव देखने को मिली. इसके लिए सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लागू टैरिफ है. पिछले साल फेड ने 100 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है. लेकिन फिलहाल ग्रोथ और महंगाई की चिंताओं से एक बार फिर दरों में बदलाव पर ब्रेक लग सकता है.

सोने को लेकर क्या है अनुमान?

मानव मोदी ने कहा कि इस साल में सोने में वॉलिटैलिटी बरकरार रहने की आशंका है. रिस्की ट्रेडर्स इस रैली को राइड कर सकते है. हालांकि, सेफ ट्रेडर्स कुछ गिरावट का इंतजार कर सकते हैं. हमारी सलाह गिरावट में खरीदारी की सलाह है. लॉन्ग टर्म के नजरिए से सोने पर 106000 रुपए प्रति 10 ग्राम का टारगेट है. दूसरी ओर अजय केडिया ने कहा कि मौजूदा दमदार फंडामेंटल के बावजूद यह प्राइस जोन काफी ज्यादा है. इस स्तर पर रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो भी अनफेवरेबल हैं. खासकर टेक्निकल इंडिकेटर्स ओवरबॉट कंडीशन को सजेस्ट कर रहा.

उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में एक हेल्दी करेक्शन करेक्शन देखने को मिल सकता है. मौजूदा लेवल से कीमतें करीब 7 से 8 फीसदी तक नीचे फिसल सकती हैं. इस लिहाज से 10 ग्राम का रेट 91000 से 92000 रुपए तक आ सकता है. यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोने में दोबारा एंट्री के लिए आकर्षक हो सकता है.

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