नयी दिल्ली। भारत में सोने की काफी खपत है। सोना भारत में आम तौर पर दो वजहों से पसंद किया जाता है। इनमें एक है ज्वेलरी और दूसरा निवेश। शादी के मौके पर सोना अहम भूमिका में होता है। इसलिए शादियों के सीजन के समय सोने के रेट भी चढ़ने लगते हैं, जैसा कि इस समय देखा जा रहा है। जहां तक निवेश का सवाल है तो लोग सोने में पैसा लगा कर अच्छी कमाई भी करते हैं। सोने में निवेश के कई तरीके हैं, जिनमें गोल्ड म्यूचुअल फंड भी शामिल है। गोल्ड म्यूचुअल फंड ने पिछले 1 साल में 13 फीसदी रिटर्न दिया है, जो एफडी की तुलना में कहीं बेहतर है। आगे भी गोल्ड म्यूचुअल फंड के अच्छा रिटर्न देने की उम्मीद है।
क्या होते हैं गोल्ड म्यूचुअल फंड
गोल्ड म्यूचुअल फंड असल में गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) ही होते हैं। गोल्ड म्यूचुअल फंड की ऐसी स्कीमों के जरिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश किया जाता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड सीधे फिजिकल गोल्ड में पैसा नहीं लगाते, मगर सोने की चाल के हिसाब से ही निवेश करते हैं। गोल्ड म्यूचुअल फंड की नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) ईटीएफ से जुड़ी हुई होती है। यहां एनएवी बिल्कुल अन्य म्यूचुअल फंड की एनएवी जैसी ही है।
कितना हो सकता है मुनाफा
इस समय सोना करीब 45,250 रु के आस-पास है। मगर आने वाले समय में सोना 50000 रु का आंकड़ा पार कर सकता है। कई जानकारों का अनुमान है कि सोना 52 हजार रु का आंकड़ा पार कर सकता है। जितना सोने की कीमत ऊपर जाएगी, इतना ही आपको गोल्ड ईटीएफ से मुनाफा मिल सकता है।
कैसे और कितना निवेश जरूरी
अन्य म्यूचुअल फंड की तरह गोल्ड ईटीएफ में भी आप एसआईपी के जरिए ही निवेश कर सकते हैं। एसआईपी में आपको एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं करनी होती। बल्कि आप हर महीने हजार रु या इससे कम निवेश कर सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ में 500 रु तक की भी मासिक एसआईपी की जा सकती है। अच्छी बात यह है कि आपको गोल्ड ईटीएफ में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होगी।
कितना करें निवेश
वैसे तो यह आपके ऊपर है कि आप सोने को कितना पसंद करते हैं और उसमें कितना निवेश करना चाहते हैं। मगर एक्सपर्ट राय देते हैं कि सोने में 15 फीसदी से अधिक निवेश नहीं करना चाहिए। असल में ऐसा निवेश पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई बनाने के लिए करना सही रहता है। आपका थोड़ा-थोड़ा निवेश कई जगह होना चाहिए। ताकि एक जगह कम रिटर्न या नुकसान की स्थिति में बाकी जगहों से रिकवरी हो जाए।
टैक्स का रखें ध्यान
अगर आपका इरादा गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने का है तो टैक्स की जानकारी जरूर रखें। यदि आप 3 साल से अधिक तक गोल्ड ईटीएफ में निवेश रखें तो उसे लॉन्ग-टर्म माना जाएगा। इस तरह होन वाले लाभ पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। लंबी अवधि पर इंडेक्सेशन बेनिफिट सहित 20 फीसदी टैक्स लगता है। जबकि छोटी अवधि यानी शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन में आपको अपनी टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स चुकाना होगा।


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