कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सर्राफा बाजार बंद है। यहीं मुख्य कारण है कि कीमती धातुओं का हाजिर बाजार बंद पड़ा है।
नई दिल्ली: कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए चल रहे देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सर्राफा बाजार बंद है। यहीं मुख्य कारण है कि कीमती धातुओं का हाजिर बाजार बंद पड़ा है। इस बीच वायदा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। बुलियन मार्केट में सोने के रेट में बहुत बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। यूं कहें कि सोने की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं और इसने एक बार फिर गुरुवार को सोना एक बार फिर 46200 के प्रति दस ग्राम का नया ऑलटाइम हाई रिकॉर्ड बना लिया है। वहीं एक्सपर्ट की मानें कि तो जल्द ही 82,000 रु प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।
2021 के अंत तक सोना 82,000 रु प्रति 10 ग्राम तक उछाल की संभावना
लगातार सोने की कीमत में तेजी देखने को मिल रही है। बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज (बोफा सेक) के विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 2021 के अंत तक प्रति औंस (ओज) 3,000 डॉलर तक रैली कर सकता है। भारतीय दरों में अनुवाद किया गया, जो वर्तमान विनिमय दरों पर लगभग 82,000 / 10 ग्राम हो सकता है। वहीं गुरुवार को एमसीएक्स पर जून का सोना वायदा 46,352 / 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसलिए, लगभग डेढ़ साल में, भारत में सोने की कीमतें लगभग 75 प्रतिशत बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, सोना वर्तमान में $ 1,750 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने एक अन्य वैश्विक वित्तीय पावरहाउस ने भी पीली धातु पर अपना दांव लगाया और कहा, मौजूदा वैश्विक बाजार परिदृश्य को देखते हुए, यह कच्चे तेल की तुलना में बेहतर बचाव था। वहीं मार्च के अंत में, गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने भविष्यवाणी की थी कि कच्चे तेल की कीमत नकारात्मक क्षेत्र में प्रवेश कर सकती है। जीडीपी, केंद्रीय बैंक बैलेंस शीट या आधिकारिक स्वर्ण भंडार प्रमुख निर्धारक रहेंगे। वहीं 18 महीने के सोने के लक्ष्य को 2,000 डॉलर से 3,000 डॉलर तक करने का फैसला किया है।
सस्ता सोना खरीदने का आज आखिरी दिन
सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पहले सॉवरेन गोल्ड बांड की बिक्री 20 अप्रैल से शुरू कर दी है। इसमें 24 अप्रैल तक निवेश किया जा सकता है। यानी आपके पास इसमें निवेश करने का मौका है। इसमें निवेश करने वाला व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। स्कीम के तहत निवेश पर 2.5 % सालाना ब्याज मिलेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली किस्त को 2020-21 सीरीज नाम दिया गया है। RBI ने कहा कि यह भारतीय बुलियन और ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता के सोने के क्लोजिंग प्राइस के साधारण औसत के आधार पर तय किया जाएगा। सीरीज के गोल्ड बांड के लिए 4639 रुपये प्रति ग्राम यानी 46390 रुपये प्रति 10 ग्राम का भाव तय किया है। वहीं ऑनलाइन खरीदने पर इस पर 50 रुपये प्रति ग्राम या 500 रुपये प्रति 10 ग्राम की छूट मिलेगी। SGB को बैंकों (स्मॉल फाइनेंस बैंकों और पेमेंट बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (NSE और BSE) के माध्यम से बेचा जाएगा।
क्यों आई सोने-चांदी की कीमत में तेजी
दरअसल कोरोनावायरस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में निवेश के खतरों को देखते हुए निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे हैं। पीली धातु सोना हमेशा से निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश रहा है। ऐसे में निवेशकों के रुझान बढ़ने से सोने की कीमत में तेजी आई है। लेकिन इसके बावजूद इसकी कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सर्राफा बाजार बंद होने के बावजूद केंद्रीय बैंक, फंड मैनेजर्स, और निवेशक सोने में निवेश कर रहे हैं, जिसकी वजह से सोने की कीमत में तेजी आई है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह 7 अप्रैल को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत 45,720 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। वहीं बाजार जानकार मान रहे हैं कि सोना इस हफ्ते 46000 रुपए के स्तर को पार कर जाएगा। जून तक इसकी कीमत 50000 रुपए प्रति 10 ग्राम जाने की उम्मीद की जा रही है।


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