नई दिल्ली, अप्रैल 19। गोल्ड की भारत में बहुत अधिक वैल्यू है। लोग इसे निवेश के लिए बहुत पसंद करते हैं। शादी जैसे अवसरों पर महिलाएं सोने का बहुत इस्तेमाल करती हैं। सोना पारंपरिक तौर पर एक खास धातु मानी जाती है। एक और चीज जो सोने की विशेषताओं मं शामिल है वो है समय पर इस बेच कर पैसा हासिल करना। अगर किसी के जीवन में बुरा समय आये तो वे सोना बेच कर पैसा हासिल कर लेता है। जैसा कि कोरोना काल में देखा गया। मगर अब सोना बेचना इतना आसान नहीं है। सोना बेचने में काफी दिक्कत आ रही है। इसलिए कहा जा सकता है कि सोना अब बुरे वक्त का साथी नहीं रहा है। आगे जानते हैं कि ऐसा क्यों है।
क्यों नहीं बिक रहा पुराना सोना
एक बात जो समझने की जरूरत है, वह यह है कि भारत में ज्यादातर ज्वैलर्स सोने के रिटेलर हैं। जैसे खुदरा विक्रेता रोजमर्रा का सामान वापस नहीं खरीदते हैं, वैसे ही ये जौहरी भी पुराने आभूषण स्वीकार नहीं करते हैं। ये पुराने गहनों के वजन के बराबर नए आभूषण देने को तैयार हैं। बल्कि अब सुनार सोने के सिक्के खरीदने के लिए भी तैयार नहीं हैं। सोने के अलावा आपको चांदी जैसी सस्ती धातुओं के बदले भी कैश मिलना मुश्किल है।
कहां बिक सकता है पुराना सोना
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार ज्वैलरी रिटेलर पुराने ज्वैलरी को स्वीकार नहीं कर रहे। मगर ऐसे विशिष्ट जौहरी भी हैं जो पुराने आभूषण स्वीकार करते हैं और वे इस बात को अपने स्टोर के बाहर डिस्प्ले करते हैं। मुंबई में ज़वेरी बाज़ार और ओपेरा हाउस के आसपास के ज्वैलर्स पुराना सोने के बदले कैश देने को तैयार रहते हैं। मगर इन दुकानों पर भी आप अपने सोने के बराबर मूल्य मिले, तो बता दें कि ये हो भी सकता है और नहीं भी।
एक और है कारण
युद्ध और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता जैसे बाहरी कारकों के कारण सोने की कीमत बढ़ी हैं। एक जोहरी के अनुसार इस ट्रेंड में जल्द ही पलटाव देखा जाएगा। मगर इस समय पुराना सोना खरीदने पर जोहरियों को नुकसान होगा। इसीलिए भी जौहरी पुराने आभूषण खरीदने से बच रहे हैं। एक बात यह भी है कि खरीद रेट और बिक्री रेट अलग-अलग हैं, इसलिए आपकी कीमती धातु के मूल्य की भरपाई करना उनके लिए कठिन है।
रेट कैसे करें चेक
आप बिक्री रेट (जिस राशि पर आप इसे खरीदते हैं) और खरीद रेट (आपसे खरीदे गए सोने की कीमत) को चेक कर सकते हैं। आप इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल से रेट जान सकते हैं। 8955664433 पर एक मिस्ड कॉल भी दिन के हिसाब से रेट जानने में आपकी मदद कर सकती है।
हॉलमार्क का नियम
हॉलमार्किंग को पिछले एक साल से भारत में अनिवार्य किया गया है, इसलिए आपके पुराने आभूषणों पर हॉलमार्क हो भी सकता है और नहीं भी। यदि आप एक व्यक्ति के रूप में एक जौहरी से अपने पुराने सोने को हॉलमार्क करने के लिए कहते हैं और फिर उसे स्वीकार करने कहते हैं, तो वे इस डर से इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होगा कि पुरानी धातु कम कैरेट की होगी। यानी कुल मिला कर पुरानी ज्वेलरी बेचना अब मुश्किल है।
More From GoodReturns

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications