नयी दिल्ली। 2020 में भारत का सोने का आयात 2009 के बाद सबसे कम रहा। दरअसल कोरोनावायरस ने मांग और रसद को बुरी तरह प्रभावित किया। इसके अलावा ऊंची कीमतों ने भी खरीदारों को सोने से दूर रखा। बताते चलें कि भारत सोने की खपत के मामले में दूसरे और आयात के मामले में पहले नंबर पर है। पिछले साल सोने की विदेशी खरीद घट कर 275.5 टन रह गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार यह 2009 के बाद सबसे कम है।
दिसंबर में बढ़ा आयात
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2019 के मुकाबले दिसंबर 2020 में सोने का आयात 18 फीसदी बढ़ कर 55.4 टन रहा। भारत में खपत लगातार दूसरे साल कम दर्ज की गई। इसकी एक वजह है घरेलू स्तर पर ऊंची कीमतों का मांग को कम करना। वहीं कोरोनावायरस को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया और इससे आवाजाही भी सीमित रही। लॉकडाउन में कम ही फ्लाइट भारत में आईं, जिससे आयात पर काफी प्रभाव पड़ा। बता दें कि भारत अपनी सोने की अधिकांश जरूरतों को विदेशी बाजारों से पूरा करता है।
पुराने सोने के बदले नये की खरीदारी
पिछले कुछ महीनों में रिटेल बिक्री में तेजी आई है, मगर लोग खरीदारी के लिए पुराने सोने का उपयोग कर रहे हैं। खुदरा उपभोक्ताओं की मांग में कमी आई है, फिर भी सोना निवेशकों के लिए बढ़िया ऑप्शन बना हुआ है। लोकल गोल्ड फ्यूचर, जो अगस्त में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, 2020 में लगभग 30% बढ़ा। ये 9 सालों में सबसे बड़ी छलांग रही।
मांग बढ़ने की है उम्मीद
माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था में सुधार से मांग बढ़ेगी। मगर इस बात की संभावना नहीं है कि इंडस्ट्री वापस सामान्य स्तर पर लौट आएगी, क्योंकि लोगों को सफल टीकाकरण अभियान के बाद ही आत्मविश्वास मिलेगा। जून-जुलाई तक लोगों को वैक्सीन मिल जाएगी और उनमें अधिक आत्मविश्वास होगा, इसलिए अगले त्योहारी सीजन के दौरान केवल तीन से चार महीनों में अच्छी एक्टिविटी दिखेगी।
चालू वित्त वर्ष में सोने का आयात
पिछले महीने वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 2020 में अप्रैल से नवंबर तक 8 महीनों की अवधि के दौरान 40 फीसदी गिर कर 12.3 बिलियन डॉलर रहा। सोने के आयात में इतनी भारी गिरावट कोरोना महामारी के बीच मांग में कमी और सोने की उच्च कीमतों के कारण आई। पिछले साल इसी अवधि में भारत में सोने का आयात 20.6 अरब डॉलर का रहा था।
व्यापार घाटा हुआ कम
सोने और चांदी के आयात में गिरावट से देश का व्यापार घाटा भी कम रहा। नवंबर तक व्यापार घाटा (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) गिर कर 42 अरब डॉलर रह गया, जो 2019 की इसी अवधि में 113.42 अरब डॉलर रहा था। चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों के दौरान रत्न और आभूषण निर्यात 44 प्रतिशत घट कर 14.30 अरब डॉलर रहा। अक्टूबर तक सोने के आयात में गिरावट 47 फीसदी थी। 2020 में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान भारत में सोने के आयात में 47.42 फीसदी की गिरावट आई। पहले 6 महीनों (अप्रैल-सितंबर) में सोने का आयात 57 फीसदी गिर कर 6.8 अरब डॉलर रह गया था।
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